सरकारी अस्पताल में दवा का बोर्ड तो लगा लेकिन कौन सी दवा स्टॉक में है पता नहीं

काउंटर पर बैठे कर्मचारियों की मर्जी पर है, कि किसे दवा देनी है और किसे नहीं भागलपुर : सरकारी अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध है, यह जानकारी मरीज चाहे तो उसे उपलब्ध नहीं हो पायेगा. अस्पताल में दवाई उपलब्ध है या नहीं, मरीज को देना है या नहीं, सब दवा काउंटर पर बैठे कर्मचारियों […]

काउंटर पर बैठे कर्मचारियों की मर्जी पर है, कि किसे दवा देनी है और किसे नहीं

भागलपुर : सरकारी अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध है, यह जानकारी मरीज चाहे तो उसे उपलब्ध नहीं हो पायेगा. अस्पताल में दवाई उपलब्ध है या नहीं, मरीज को देना है या नहीं, सब दवा काउंटर पर बैठे कर्मचारियों पर निर्भर रहता है. हालांकि दिखावा के लिए सदर अस्पताल में दवा की सूची इमरजेंसी में लटकी है. लेकिन इसे देखने से कोई भी नहीं जान पायेगा, कौन सी दवा यहां उपलब्ध है. ऐसे में डॉक्टर मरीज को दवा लिखते हैं, तो उसे बाहर से खरीदना उसकी मजबूरी ही होगी.
सदर में सूची लटका, उपलब्धता का काॅलम रिक्त : सदर अस्पताल के इमरजेंसी में दवा की सूची बोर्ड के रूप में लटका कर रखा गया है. इसमें कौन सी दवा उपलब्ध या कौन सा नहीं है का कॉलम खाली है.
मायागंज अस्पताल ओपीडी में दवा की सूची नहीं : मायागंज अस्पताल ओपीडी में दवा की सूची ही उपलब्ध नहीं है. नवजात बच्चे को लेकर दवा लेने आयी दोगच्छी की दुखनी देवी ने बताया कि शिशु विभाग समेत अन्य जगहों पर दवा के लिए गये. कहीं, भी नवजात बच्चे के लिए दवा नहीं मिल पायी. ऐसे में अब हमारे पास दवा बाहर से खरीदने के अलावा कोई और उपाय नहीं है.

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