मानवता की सेवा सच्ची सेवा : आयुक्त

भागलपुर : मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है. सेवा से बढ़कर दूसरा कोई कार्य नहीं. खासकर दिव्यांगों की सेवा सर्वोपरि है. उक्त बातें प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी ने गुरुवार को दल्लू बाबू धर्मशाला परिसर में छह दिवसीय दिव्यांग शिविर के समापन पर कहीं. उन्होंने कहा कि रेड स्वास्तिक सोसायटी बिहार चैप्टर भागलपुर शाखा की […]

भागलपुर : मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है. सेवा से बढ़कर दूसरा कोई कार्य नहीं. खासकर दिव्यांगों की सेवा सर्वोपरि है. उक्त बातें प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी ने गुरुवार को दल्लू बाबू धर्मशाला परिसर में छह दिवसीय दिव्यांग शिविर के समापन पर कहीं.

उन्होंने कहा कि रेड स्वास्तिक सोसायटी बिहार चैप्टर भागलपुर शाखा की ओर से लगाये गये छह दिवसीय शिविर का आयोजन सराहनीय है. इससे समाज के लोगों में जागरूकता बढ़ेगी. जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि छह विशेष शिविर में मुझे तीन दिन यहां आने का मौका मिला. दिव्यांगों को जरूरत के अनुसार कृत्रिम पैर व अन्य चीजें मिलने पर चेहरे खिले हुए थे. यही वास्तविक सेवा है. एसएसपी आशीष भारती ने पूरे कार्यक्रम को सराहनीय बताया.

मंच संचालन श्रवण बाजोरिया व स्वागत भाषण डॉ केडी प्रभात ने किया. इसके बाद स्मारिका का विमोचन किया गया. अतिथियों का स्वागत संयोजक डॉ पंकज टंडन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अशोक जिवराजका ने किया. संयोजक डॉ पंकज टंडन ने बताया कि कुल रजिस्ट्रेशन 515 दिव्यांगों का किया गया. इसमें 83 लोगों को कृत्रिम पैर, 128 लोगों को क्लिप्स, 128 लोगों को बैसाखी, 110 लोगों को ट्राई साइकिल, 120 लोगों को छड़ी, 25 लोगों को कान की मशीन मिली. संयोजक डॉ चंदन ने बताया कि दिव्यांगों के लिए ठहरने, भोजन, नाश्ता व अन्य मूलभूत सुविधा दी गयी थी. शिविर में सभी 16 प्रखंडों के लोगों ने लाभ लिया. इस मौके पर सह संयोजक रमण कर्ण, प्रकाशचंद्र गुप्ता, अशोक जीवराजका, जयनंदन आचार्य, सत्यनारायण प्रसाद, प्रो एजाज अली रोज़, रतन संथालिया, श्रवण बाजोरिया व अन्य लोग उपस्थित थे.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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