भागलपुर : बांका में बतौर भू अर्जन पदाधिकारी जयश्री ठाकुर ने अपने कार्यकाल के दौरान सरकार के दो अहम प्रोजेक्ट सुलतानगंज-देवघर रेल लाइन और मंदार हिल रेल लाइन में आयी सरकारी राशि के वारे-न्यारे कर दिये.
सृजन महिला विकास सहयोग समिति की संचालिका रही मनोरमा देवी ने उक्त सरकारी राशि के अपने खाते में जमा करवाने के बदले अपने करीबी विपिन कुमार के माध्यम से जयश्री ठाकुर के नाम से गाजियाबाद के महंगे पॉश इलाके वसुंधरा में 46 लाख रुपये से अधिक का फ्लैट बुक कर दिया. साल 2009 में खरीदे गये फ्लैट की कीमत आज की तिथि में करोड़ों रुपये है. सीबीआइ ने बांका भू अर्जन कार्यालय में हुए सृजन घोटाले की चार्जशीट में उक्त बातों पर से पर्दा उठाया है.
जांच में यह भी उल्लेख है कि जिस फ्लैट की बुकिंग विपिन कुमार ने करवायी, उसका भुगतान सृजन समिति के दो अलग-अलग खाते से हुआ. इन सब काम के बदले मनोरमा देवी ने जयश्री ठाकुर से सरकारी खाते से करीब 17 करोड़ रुपये की राशि को इधर-उधर करवाया. सात करोड़ रुपये अलग-अलग समय में भू अर्जन के खाते में मनोरमा देवी ने डाले
बैंक अधिकारी सुजीत कुमार ने बैंक नियम को ताक पर रख मनोरमा को किया मालामाल
सीबीआइ जांच में पता चला कि अन्य बैंक अधिकारियों में बैंक ऑफ बड़ौदा के सुजीत कुमार श्रीवास्तव की सृजन संचालिका मनोरमा देवी से अधिक बनती थी. बैंक के अहम पद पर रहते हुए उन्होंने बैंकिग सिस्टम को नजरअंदाज करके डीडीसी के जिला परिषद खाता से दो करोड़ रुपये को सृजन महिला विकास समिति के खाते में डाल दिया.
