आइएमए के आह्वान पर हड़ताल, विभागों में नहीं दिखे डॉक्टर, जूनियर डॉक्टरों ने किया गंभीर मरीजों का इलाज
भागलपुर : सप्ताहभर में दूसरी बार आइएमए के आह्वान पर हड़ताल से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को बगैर इलाज ही वापस लौटना पड़ा. हड़ताल की वजह से जेएलएनएमसीएच के ओपीडी से करीब 1400 मरीज बिना इलाज ही लौट गये. संगठन के सदस्यों ने निजी क्लिनिक को भी 24 घंटे के लिए बंद कर दिया है. अस्पताल और निजी क्लिनिक में सिर्फ गंभीर मरीजों का ही इलाज किया गया.
जूनियर भी ओपीडी से रहे दूर : अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने आज इमरजेंसी समेत अन्य विभागों में अपनी ड्यूटी दी. सभी जूनियर किसी न किसी सीनियर चिकित्सक के अंदर कार्यरत हैं. इस वजह से इन लोगों ने भी अपनी सेवा आेपीडी में नहीं दी.
जूनियर चिकित्सक संघ जिला अध्यक्ष डॉ विश्व ज्योति ने बताया कि सूबे में लू व चमकी से लोग परेशान हैं. ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से बैठ नहीं जाये इसको लेकर आंदोलन से अलग हैं. हमारी मांग पूर्ववत है.
जांच करवाने के लिए परेशान रहे परिजन : अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन पैथोलॉजिकल जांच के लिए परेशान नजर आये.
