नवगछिया : रंगरा ओपी क्षेत्र के भीमदास टोला निवासी अरविंद ठाकुर के 12 वर्षीय बेटे के बरामद होने के लगभग 15 दिन बाद उसने कहा है अन्य 10-12 बच्चों का भी अपहरण हुआ है.
उसकी बात को पुलिस ने गलत बताया है. पुलिस का कहना है बच्चे ने इस तरह का बयान न तो पुलिस के समक्ष दिया है और न ही कोर्ट में.
इधर रंगरा पुलिस की कार्यशैली के विरोध में दियारा के लोगों ने शुक्रवा को तिनटंगा-डुमरिया पथ पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की. लोगों ने कहा कि बालक ने काफी चौंकउ कहानी बतायी है, लेकिन पुलिस घटना की गहराई से जांच के बजाय बच्चे के बयान को झूठा बताया जा रहा है.
अपहृत बालक और उनके परिजनों को डराया धमकाया जा रहा है. एक ओर अरविंद ठाकुर को अपराधियों का खौफ सता रहा है तो दूसरी ओर उसका पूरा परिवार पुलिस से भयभीत है.
अरविंद ठाकुर ने बताया कि मेरे बेटे की बरामदगी के बाद जब मैं उसका बयान दिलाने नवगछिया न्यायालय गया तो कचहरी परिसर में रंगरा थाने के एक पुलिस पदाधिकारी ने डरा धमका कर कोर्ट खर्च के नाम पर जबरन 11 सौ रुपए वसूल लिए.
कुछ स्थानीय दबंगों द्वारा मामले को रफा-दफा करने के लिए बार-बार धमकी दी जा रही है. ग्रामीणों का नेतृत्व टोला सेवक राजकुमार रजक कर रहे थे.
कहते हैं टोला सेवक : टोला सेवक राजकुमार रजक ने कहा कि ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि यदि इस मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
कहती हैं एसपी : नवगछिया की एसपी निधि रानी ने 10 बच्चे के गायब होने किसी भी प्रकार की जानकारी से इनकार किया है. एसपी ने कहा कि अगर ऐसा मामला सामने आता है तो छानबीन के बाद कार्रवाई जरूर की जायेगी.
