एसएनसीयू में नवजात था सीरियस, गायब था एंबुलेंस चालक फिर...
भागलपुर : सदर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती नवजात की स्थिति नाजुक होने के बाद चिकित्सकों ने मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया. नवजात को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों के साथ साथ एसएनसीयू के कर्मचारियों ने भी एंबुलेंस चालक को खोजना आरंभ किया. करीब 45 मिनट तक जब चालक का कोई […]
भागलपुर : सदर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती नवजात की स्थिति नाजुक होने के बाद चिकित्सकों ने मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया. नवजात को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों के साथ साथ एसएनसीयू के कर्मचारियों ने भी एंबुलेंस चालक को खोजना आरंभ किया. करीब 45 मिनट तक जब चालक का कोई पता नहीं चल पाया. अंत में इसकी जानकारी चिकित्सक को दी गयी. जिसके बाद सभी कर्मचारियों ने एक साथ एंबुलेंस संचालक को खोजना आरंभ किया.
ग्यारह बजे से पौने बाहर बजे तक नवजात के लिए एंबुलेंस चालक की तलाश एसएनसीयू में कार्यरत नर्स और कर्मचारी करते रहे. विभाग के बाहर एंबुलेंस चालकों का कमरा भी बंद था. इसके बाद कर्मचारियों ने कई एंबुलेंस चालक को फोन लगाना आरंभ किया. 45 मिनट बाद एक चालक का नंबर लगा तो उसे जल्द से जल्द आने का निदेश दिया गया. जिसके बाद परिजन नवजात को लेकर मायागंज अस्पताल गये.
जन्म के बाद हालत हो गयी थी गंभीर
जगदीशपुर थाना अंतर्गत पदमपुर गांव निवासी रंजीत कुमार की पत्नी रिंकू देवी का प्रसव सदर अस्पताल में हुआ. जन्म के बाद ही नवजात की स्थिति खराब हो गयी जिसके बाद इसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया. सुबह करीब ग्यारह बजे नवजात की स्थिति गंभीर हो गयी. बच्चे की हालत को देख परिजन भी आक्रोशित हो गये. इसके बाद इन लोगों ने करीब 20 मिनट तक एसएससीयू में कार्यरत नर्स के साथ विवाद किया. मामले की जानकारी चिकित्सक को दी गयी. नवजात को सांस लेने में परेशानी थी तो पूरे शरीर में सूजन हो गया था. इस वजह से इसे मायागंज अस्पताल रेफर किया गया.