भागलपुर : मुख्यालय के निर्देश पर जोनल आइजी ने अपने प्रक्षेत्र के सभी एसएसपी और एसपी को सिक्युरिटी पोल दो दिन के अंदर गठित करने का निर्देश दिया है. इसमें 25 से 30 जवान होंगे जो चुनाव के दौरान जिले में आने वाले महानुभाव को अपनी सुरक्षा प्रदान करेंगे. इस कार्य के लिए मुख्यालय ने जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिया है. पोल गठन करने के बाद इसमें शामिल सभी जवानों का पूरा विवरण मुख्यालय को भेजा जायेगा.
आखिर क्यों जरूरी है पोल का गठन : पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पुलिस कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है. ऐसे में सभी जिलों में नये सिरे से स्थायी सिक्युरिटी पोल गठन की जरूरत महसूस की जा रही है. वर्तमान समय में महानुभाव की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण हो गयी है. पिछले दिनों महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री विभिन्न जिले में आये थे. इस दौरान देखा गया कि थाने के पीएसओ समेत अन्य जवानों को लगा दिया गया. किसी तरह की रणनीति तक तय नहीं थी. जिससे जवान सभा स्थल के पास जहां तहां तैनात थे. इसे मुख्यालय ने सुरक्षा में लापरवाही का मामला माना है.
डायरेक्टर एसपीजी ने भी लिखा था सुरक्षा को लेकर पत्र : महानुभाव की सुरक्षा को लेकर पूर्व में भी डायरेक्टर एसपीजी ने मुख्यालय पटना को पत्र लिखा था. जिसमें सुरक्षा के लिए किन-किन जवानों को रखा जाना है, उसकी योग्यता क्या है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया था. अब पोल गठन की कवायद तेज हो गयी है.
इसमें शामिल होने के लिए जवान को पूरी तरह से फिट होना तो जरूरी है ही, साथ ही कई और कला में महारत हासिल हो. महानुभाव का वाहन चलाने वाले जवान का चरित्र सत्यापन के साथ आंख की जांच होनी चाहिए. इसके अलावा विषम परिस्थितियों से कैसे निपटा जा सकता है इसका प्रशिक्षण जरूरी है. इसके लिए विभाग चालक को प्रशिक्षण भी देगा. वहीं सभा स्थल पर जो जवान व दारोगा तैनात होंगे उसके बारे में पूरा विवरण मुख्यालय समेत अन्य पुलिस अधिकारी के पास होना जरूरी है. जो भी महानुभाव आने वाले होंगे उससे पहले पोल के सभी जवानों को ब्रीफ किया जाये. इसके बाद ही इनको सुरक्षा के लिए भेजा जाये.
पोल में शामिल हरेक जवान और अधिकारियों की जानकारी रखेगा मुख्यालय
पोल में शामिल पुलिस अधिकारियों व जवानों के बारे में सभी जानकारी मुख्यालय के साथ साथ वरीय पुलिस अधिकारी अपने पास रखेंगे. इसमें चालक, पुलिस पदाधिकारी, महिला पुलिस पदाधिकारी का नाम, पता, जन्म तिथि, कब से नौकरी कर रहे हैं, सेवा के दौरान किस तरह का पुरस्कार जीता है, क्या दंड मिला है और इनका चरित्र कैसा है, समेत अन्य जानकारी मुख्यालय मांग रहा है.
