पंचम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई
नाथनगर के राघोपुर में फंदे से लटकता मिला था शव
भागलपुर : पंचम अपर सत्र न्यायधीश की अदालत में सोमवार को पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति नंदकिशोर साह को 10 साल की सजा सुनाई है. आरोपित को दहेज हत्या का भी दोषी पाया गया. उसके खिलाफ 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत ने सुनवाई में मृतक विवाहिता के एक बच्चे के आगे की परवरिश पर चिंता जाहिर की है.
अदालत ने कहा है, बच्चे के पति के जेल में चले जाने के बाद बच्चे की देखभाल करने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा है. साथ ही समाज के अन्य लोगों से भी बच्चे की परवरिश को लेकर कोई उम्मीद नहीं है. कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देश दिया कि वह धारा 357-ए के तहत बच्चे के परवरिश को लेकर मुआवजा दे. जिससे बच्चा आगे की जिंदगी जी सके. मामले में लोक अभियोजक सत्यनारायण प्रसाद साह ने पैरवी की.
यह है मामला
कहलगांव के हरचनपुर के अनिरुद्ध साह ने अपनी बेटी अमृता कुमारी की शादी नाथनगर के राघोपुर की नंदकिशोर साह से की. एक जून 2017 को अनिरुद्ध साह को सूचना आयी कि उसकी बेटी ने फांसी लगा ली है. सूचना पाकर अपनी बेटी को देखने आये तो आसपास के लोगों ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले अमृता व नंदकिशोर साह के बीच नोक-झोंक हुई थी. अनिरुद्ध साह ने पुलिस में अपने दामाद नंदकिशोर साह के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया. आरोप लगाया कि दामाद का संबंध अपनी भाभी से था, इसका विरोध अमृता कुमारी अक्सर करती थी. नंदकिशोर साह दहेज की मांग के अलावा अन्य कारणों से भी अपनी पत्नी को पीटता रहता था. उन्होंने अमृता की हत्या का आरोप लगाया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी लगाकर हत्या करने का मामला सामने आया.
