बर्ड फ्लू का भय, गरुड़ पुनर्वास केंद्र में किया दवा का छिड़काव

भागलपुर : बर्ड फ्लू के संक्रमण की आशंका को देखते हुए सुंदरवन स्थित गरुड़ पुनर्वास केंद्र में एहतियातन व्यवस्था की जाने लगी है, ताकि बीमार होकर लाये जानेवाले गरुड़ की जान जोखिम में न पड़ जाये. गुरुवार को गरुड़ पुनर्वास केंद्र में चूना और ब्लीचिंग के घोल का छिड़काव किया गया. इसके अलावा पशुपालन विभाग […]

भागलपुर : बर्ड फ्लू के संक्रमण की आशंका को देखते हुए सुंदरवन स्थित गरुड़ पुनर्वास केंद्र में एहतियातन व्यवस्था की जाने लगी है, ताकि बीमार होकर लाये जानेवाले गरुड़ की जान जोखिम में न पड़ जाये. गुरुवार को गरुड़ पुनर्वास केंद्र में चूना और ब्लीचिंग के घोल का छिड़काव किया गया.
इसके अलावा पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की सलाह पर बाजार से दवा लायी गयी. इसका भी छिड़काव किया जा रहा है. दूसरी ओर स्वस्थ हो चुके तीन लैसर व एक पेंटिल को गुरुवार को डिस्चार्ज कर दिया गया. इससे पहले उसका वजन और डैना, पैर, चोंच आदि की माप ली गयी.
इस दौरान केंद्र के केयर टेकर मो अख्तर व वन विभाग के कर्मी मौजूद थे. वाहन से सभी गरुड़ों को नवगछिया स्थित कदवा दियारा में छोड़ दिया गया. उधर, कदवा में पेड़ पर स्थित घोंसले से नीचे गिर कर घायल हो चुके दो पेंटिल व एक ग्रेटर को केंद्र में भर्ती किया गया है. फिलहाल यहां 10 गरुड़ को स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है.
तीन छोटा गरुड़ और एक जांघिल पक्षी को कदवा दियारा के कोसी की मारा धार में छोड़ा गया. इंडियन बर्ड कंसर्वेशन नेटवर्क के राज्य समन्वयक अरविंद मिश्रा ने कहा कि पक्षियों ने फुर्ती से उड़ कर अपने आवास को तुरंत अपना लिया. इस मौके पर मंदार नेचर क्लब से जुड़े पर्यावरण प्रेमी दीपक साह, आशीष झा, मुमताज आलम, वन विभाग के राजेश व कदवा के स्थानीय पशु चिकित्सक नगीना राय व मृत्युंजय राय मौजूद थे.

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