ललित, भागलपुर : सिटी के स्मार्ट बन जाने का सपना संजोये लोगों को यह खबर थोड़ी बुरी लगेगी, लेकिन आंकड़े इस योजना की दु:खद हकीकत बयां कर जाने के लिए काफी हैं. हालात यह है कि, शहर को देश के सौ स्मार्ट सिटी में शुमार किए के तीन साल बीत जाने के बाद भी स्मार्ट सिटी योजना का कोई काम जमीन पर नहीं उतर पाया. पिछले तीन साल में सिर्फ एक स्मार्ट सिटी योजना फाइनेंसियल बिड खुला, जबकि आधा दर्जन के टेंडर भी फाइनल नहीं हो पाए.
स्मार्टनेस के नाम पर सिर्फ वाई-फाई और यूरिनल, वो भी टूटी हुई
स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में कुछ चौराहों पर वाई-फाई लगा, तिलकामांझी से कचहरी चौक से पुलिस लाइन मार्ग में सड़क किनारे स्मार्ट यूरियनल लगाया गया, पर वो भी बेहाल हैं. अधिकतर टूट गयीं तो कुछ पूरी भी नहंी हुई थीं. शहर के तिलकामांझी में ऑटोमेटिक सिग्नल लगा, लेकिन यह यहीं तक सीमित होकर रह गया. तीन साल में स्मार्ट सिटी के आधा दर्जन योजना में मात्र एक ही काम हुए. योजना को लेकर कई बैठकों का दौर चला, लेकिन एक को छोड़ बाकी योजना पर काम एक इंच भी आगे बढ़ पाया.
202 करोड़ के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का बस फाइनेंसियल बिड: स्मार्ट सिटी की आधा दर्जन योजना में तीन साल में 202 करोड़ के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर हुआ. फाइनांसियल बिड खुलने के बाद दिल्ली के सरकार कंपनी को काम दिया गया.
ये योजनाएं अटकीं हैं
स्मार्ट रोड योजना
293 करोड़, 23.7 किलो मीटर स्मार्ट सड़क बनानी है. लेकिन अभी तक इस काम का टेंडर भी नहीं हुआ. इसको लेकर कोई काम नहीं हो पा रहा. तीन साल से इस योजना पर काम हो रहा है.
सोलर पैनल
यह योजना 19.5 करोड़ की है. योजना के तहत सभी सरकारी भवनों पर इस पैनल को लगाया जायेगा. इसके अलावे शहर के थानों पर भी इस पैनल को लगाया जायेगा. लेकिन अभी तक इस योजना को लेकर टेंडर का काम भी नहीं हुआ है.
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
इस योजना को फिर से पीडीएमची द्वारा तैयार किया जा रहा है. पहले यह योजना बीस करोड़ की थी. इसमें हनुमान घाट रोड और कनकैथी में प्रोजेक्ट लगाने की बात हुई. लेकिन एक बार फिर फाइल तैयार की जा रही है.
सैंडिस कंपाउंड
स्मार्ट सिटी योजना से सैंडिस का सौंदर्यीकरण किया जायेगा. इसके सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ की योजना है. जिसमें जिम, स्वीमिंग पुल, गार्डन व स्टेडियम का सौंदर्यीकरण होना है. लेकिन अब तक टेंडर भी नहीं हुआ.
लाजपत पार्क व चिल्ड्रेन पार्क
स्मार्ट सिटी योजना से लाजपत पार्क को ढाई करोड़ और चिल्ड्रेन पार्क के 1.2 करोड़ की योजना है. लेकिन इसका अभी तक टेंडर नहीं हुआ है. रीवर फ्रंट डेवलपमेंट : यह 107 करोड़ की योजना है, पहले चरण में डीपीएस स्कूल के पास से पुल घाट और फिर पुल घाट से भूतनाथ घाट तक आठ किलो मीटर योजना पर काम होगा. लेकिन इस पर कुछ हुआ ही नहीं है.
