भागलपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत, आज पहुंच रहे हैं सुशील कुमार मोदी व उपेंद्र कुशवाहा

भागलपुर : आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के कार्यक्रम में शरीक हुए मंत्री, विधायक, कार्यकर्ता व स्वयं सेवकों को एक जैसा ट्रीटमेंट मिला. सभी लोगों ने दरी पर एक साथ बैठ कर सरसंघचालक का व्याख्यान सुना. सोमवार को दोपहर बाद तीन बजे से सरसंघचालक का […]

भागलपुर : आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के कार्यक्रम में शरीक हुए मंत्री, विधायक, कार्यकर्ता व स्वयं सेवकों को एक जैसा ट्रीटमेंट मिला. सभी लोगों ने दरी पर एक साथ बैठ कर सरसंघचालक का व्याख्यान सुना. सोमवार को दोपहर बाद तीन बजे से सरसंघचालक का बौद्धिक सत्र शुरू होना था.
2.55 बजे तक सरसंघचालक का काफिला आयोजन स्थल पर प्रवेश किया. सभागार कक्ष में ठीक तीन बजे मोहन भागवत का आगमन हुआ. तत्काल मुख्य शिक्षक ने उतिष्ठ: का आदेश दिया. सभागार में बैठे हजार से अधिक लोग एक साथ खड़े हुए. वहीं उपविश: की आज्ञा के बाद सभी लोग बैठ गये. इसके बाद मोहन भागवत के सामने अधिकारी परिचय हुआ. अमृत वचन, गीत के बाद मोहन भागवत ने बौद्धिक सत्र शुरू किया. उन्होंने सबसे पहले कहा कि हम सब स्वयं सेवक हैं. संबोधन के अंत में भी सरसंघचालक ने इस पंक्ति को दोहरायी.
कार्यक्रम में बिहार सरकार के राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल, एमएलसी डॉ एनके यादव, पूर्व सांसद सैयद शाहनवाज हुसैन, भाजपा जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय, पूर्व विधायक ई शैलेन्द्र, पूर्व उप मेयर डॉ प्रीति शेखर, युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री गौतम कुमार, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष लीना सिन्हा समेत अन्य थे. इसके अलावा आरएसएस के योगेश पांडेय, निरंजन साह, पवन गुप्ता व अन्य लोग थे. लोग दो बजे के आसपास कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गये.
सीटी बजते ही सभी पहुंचे सभागार, मोबाइल रहा बंद: पूरे स्कूल परिसर को फूल व रंगोली से सजाया गया था. वीआइपी के आने-जाने समेत अन्य निर्देश की स्वयं सेवकों जैसी व्यवस्था रही. कार्यस्थल समेत सभागार में बिल्कुल शांति थी. स्कूल परिसर के मुख्य गेट पर सभी वीआइपी व स्वयं सेवक प्रवेश पत्र लेकर जांच प्रक्रिया पूरी करते दिखे. स्कूल परिसर में करीब ढाई बजे तक सभी लोग खड़े रहे. इसी बीच ढाइ बजे सीटी बजी. इसके साथ ही सभी लोग सभागार पहुंच गये.
सभागार में पूरी शालीनता के साथ लोग सरसंघचालक की राह देखते रहे. सभी लोगों ने अपने अपने मोबाइल को बंद रखा था. इस दौरान स्वयं सेवकों ने देशभक्ति व संघ से जुड़े गीत पेश किये. गीत को सभागार में बैठे लोग दोहराते रहे. कार्यक्रम के बाद सरसंघचालक बौद्धिक प्रमुख बालमुकुंद गुप्त व पवन गुप्ता के घर पर अल्पाहार को पहुंचे.
राम मंदिर निर्माण में साधु-संतों की संघ करेगा मदद : मोहन भागवत
भागलपुर : आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अयोध्या में विवादित राममंदिर निर्माण को लेकर कहा कि देश के साधु संतों ने यह निर्णय लिया है. राम मंदिर निर्माण को लेकर साधु संतों की संघ मदद करेगा. मंदिर निर्माण के लिये हिंदू समाज को आगे आने की जरूरत है. यह बात मोहन भागवत ने प्रथम सत्र में परिवार सम्मेलन के दौरान मंदिर निर्माण को लेकर पूछे गये प्रश्न के जवाब में कहा.
परिवार सम्मेलन में वहीं लोग शामिल हुए जो सरसंघचालक को व्यक्तिगत रूप से जानते थे. संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदुत्व एक जीवनशैली है. यह कर्मकांड व पूजापाठ तक सीमित नहीं है. संघ का भी यही भाव है.
भागवत ने परिवार सम्मेलन में शामिल हुए अन्य लोगों के प्रश्नों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि परिवार को सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा. साथ साथ अपने परिवार के सदस्यों में देशभक्ति का भाव पैदा करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को रोजाना आरएसएस की शाखा में भेजें. बच्चों को रोजारोन्मुख के साथ साथ नैतिक व देशभक्ति की शिक्षा देने की जरूरत है.
कार्यक्रम में विष्णु शर्मा, सुनील सिंह, योगी राजीव मिश्रा, कामेश्वर यादव, अजीत कुमार, उत्तम कुमार, बाल मुकुन्द गुप्ता, हरविन्द नारायण भारती, डॉ लक्ष्मीकांत सहाय, पद्म जैन, हंसराज बैताला, बनवारी लाल, योगी धीरज वशिष्ठ, श्रीधर मिश्र, राजकिशोर सिंह, गौतम हरि, ब्रजभूषण तिवारी आदि अपने परिवार के साथ मौजूद थे.
सुरक्षा में लगाये गये सौ पुलिस जवान और पदाधिकारी
भागलपुर : आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भागलपुर में तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक सौ पुलिस जवान और पदाधिकारियों की तैनाती की गयी है. आरएसएस प्रमुख की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद सिटी डीएसपी कर रहे हैं. वहीं एसएसपी मामले में पल पल की रिपोर्ट ले रहे हैं.
मिली जानकारी के अनुसार आरएसएस प्रमुख के लिये केंद्र से आयी सुरक्षा एजेंसियों के साथ साथ भागलपुर पुलिस के जवानों को भी लगाया गया है. खलीफाबाग के समीप जिस जगह पर आरएसएस प्रमुख ठहरे हैं, वहां भागलपुर जिला बल के एक सेक्शन फोर्स की तैनाती की गयी है. इसके अलावा जोगसर और कोतवाली थाना के भी एक सेक्शन पदाधिकारी तैनात हैं.
इसके अलावा सोमवार को मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के काजीचक में आरएसएस प्रमुख के निर्धारित कार्यक्रम को लेकर भी सुरक्षा को लेकर विशेष एहतियात बरती गयी. एक सेक्शन फोर्स के साथ कोतवाली इंस्पेक्टर और मोजाहिदपुर इंस्पेक्टर ने काफिले का नेतृत्व किया. वरीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा के लिए एक सेक्शन सशस्त्र बल और एक सेक्शन लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इसके अलावा महिला जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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