भागलपुर: दिवेश हत्याकांड मामले में मेयर की गिरफ्तारी के नाम पुलिस सिर्फ कागजी प्रक्रिया में उलझी हुई है. मेयर की गिरफ्तारी को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक ने एएसपी, सिटी डीएसपी, दो इंस्पेक्टर सहित कई थानाध्यक्षों टीम बनायी थी.
लेकिन मेयर की गिरफ्तारी को लेकर पूरी टीम फूंक -फूंक कर कदम रख रही है. पुलिस महकमा में चर्चा है कि जब तक बड़े पदाधिकारी गिरफ्तारी को लेकर नेतृत्व नहीं करेंगे.
पुलिस के छोटे पदाधिकारी आगे नहीं बढ़ेंगे. क्योंकि पूर्व में फल व्यवसायी विश्वनाथ गुप्ता हत्याकांड प्रकरण में पुलिस पर मीनू मियां के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था. इस बाबत मीनू मियां ने एक इंस्पेक्टर और दो दारोगा के खिलाफ थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें तीनों अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने वारंट तक जारी कर दिया था. कहीं मेयर प्रकरण में भी कुछ ऐसा न हो जाये. हर कोई अपने को बचाने का प्रयास कर रहा है. सिर्फ कागजी खेल में ही गिरफ्तारी का खेल चल रहा है.
