bhagalpur news.टीएनबी कॉलेज में कुर्सी पर बैठने को लेकर शिक्षक व कर्मचारी भिड़े

टीएनबी कॉलेज में विवाद.

शिक्षक संघ के सचिव हैं डॉ निर्लेश व कर्मचारी संघ प्रक्षेत्रीय मंत्री हैं सुशील मंडलटीएनबी कॉलेज एक बार फिर से सुर्खियों में है. कॉलेज के शिक्षक संघ के सचिव सह सिंडिकेट सदस्य डॉ निर्लेश कुमार व बिहार राज्य विवि एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल कुर्सी पर बैठने को लेकर आमने सामने है. दोनों के बीच हुए विवाद मामले में सुशील मंडल ने टीएमबीयू के रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे को लिखित शिकायत की है. उन्होंने कॉलेज में समाजशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ निर्लेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाया है. कहा कि शिक्षक का तबादला दूसरे कॉलेज में कर दिया जाये. ऐसा नहीं करने पर कर्मचारी संघ आंदोलन के रास्ते पर जायेगा. उधर, रजिस्ट्रार ने कहा कि मामले में वरीय अधिकारियों को जानकारी दी जा रही है. वहां से निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी.

क्या है मामला

शनिवार को कॉलेज के परीक्षा कार्यालय में दिन के करीब दस व 11 बजे के बीच परीक्षा शुरू हो चुकी थी. उस समय परीक्षा कार्यालय में प्राचार्य सहित कई शिक्षक बैठे थे. एक कुर्सी खाली थी. कर्मचारी सुशील मंडल उस कुर्सी पर बैठ गये. तभी शिक्षक डॉ निर्लेश कुमार अचानक खड़े होकर प्राचार्य से विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि शिक्षकों के लिए प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए. परीक्षा कार्यालय में शिक्षकों के बैठने के लिए कुर्सी है. उस समय कर्मचारी सुशील मंडल शिक्षक की कुर्सी पर बैठे थे. इसी बात को लेकर दोनों तरफ से जोर-जोर से बहसबाजी होने लगी. विवाद बढ़ता देख वहां बैठे दूसरे शिक्षकों ने दोनों पक्ष को शांत कराया.

शिक्षक पर दुर्व्यवहार करने का लगाया आरोप – प्रक्षेत्रीय मंत्री

प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने शिक्षक पर आरोप लगाया है कि तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के साथ शिक्षक निर्लेश कुमार दुर्व्यवहार करते हैं. कर्मचारियों के साथ जातीय भेदभाव करते हैं. आवेदन ने कहा कि कई बार उनके साथ भी शिक्षक ने जान से मारने की धमकी दी है. इस तरह की कई शिकायत अन्य संगठनों ने रजिस्ट्रार व विवि प्रशासन से करते रहे है. कर्मचारी नेता ने आवेदन में मारवाड़ी कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा है वहां भी शिक्षकेतर कर्मी के साथ शिक्षक ने दुर्व्यवहार किया था. ऐसे में उन्हें मूल्यांकन कार्य से वंचित भी किया था. उन्होंने आवेदन में कहा कि शिक्षक कॉलेज में रहते है, तो उनके जान को खतरा है.

कर्मचारी अपने आप को प्रधानाचार्य व कुलपति से ऊपर समझते है – डॉ निर्लेश

शिक्षक संघ के सचिव डॉ निर्लेश कुमार ने कहा कि कर्मचारी सुशील मंडल किसी शिक्षक को कुछ नहीं समझते हैं. अपने पद के अनुरूप व्यवहार नहीं करते. अपने आप को प्रधानाचार्य व कुलपति से ऊपर समझते हैं. उनके ऊपर लगाये गये सभी आरोप गलत व निराधार है. घटना के दिन प्रधानाचार्य के समक्ष ही प्रोफेसर पर जोर जोर से बोल रहे थे. प्रोफेसर की कुर्सी पर बैठे थे. मौके पर कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक, डॉ कुमार विमल सहित कई शिक्षक मौजूद थे. डॉ कुमार विमल के साथ भी सुशील मंडल ने अभद्र व्यवहार किया और चिल्लाने लगा. इसे लेकर मैंने कहा कि कर्मचारी अपने पद के अनुरूप व्यवहार करे. इससे पूर्व भी सुशील मंडल को पूर्व प्रधानाचार्य गोपाल यादव ने खराब व्यवहार के कारण उन्हें जमुई कॉलेज भेजा था. उन्होंने सुशील मंडल पर आरोप लगाया कि कॉपी मूल्यांकन के दौरान सभी रूम में जाकर पैरवी करते हैं. –

शिक्षक ने किसी का नाम नहीं लिया -प्राचार्य

कॉलेज के प्राचार्य डॉ दीपो महतो ने कहा कि शिक्षक डॉ निर्लेश कुमार ने किसी का नाम नहीं लिया है. केवल इतना ही कहा कि शिक्षक के प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए. इसी बात को लेकर मौके पर मौजूद कर्मचारी सुशील मंडल के बीच विवाद हो गया. उन्होंने कहा कि नियमानुसार इसकी शिकायत पहले कॉलेज प्रशासन से करना चाहिए था. जब यहां सुनवाई नहीं होती, तो कर्मचारी विवि में शिकायत कर सकते थे.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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