भागलपुर : सरकारी स्कूलों के यू डायस रिपोर्ट के अनुसार जिले के 264 सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है.
218 स्कूलों में छात्रों के शौचालय मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं. 224 स्कूलों में छात्राओं के लिए बनाये गये शौचालय में ताला लटका है. इस कारण हजारों छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को ‘स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय’ अभियान में अपना नामांकन कराना है. अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए स्कूलों का चयन किया जायेगा. सबसे स्वच्छ स्कूलों को यूनिसेफ की ओर से पुरस्कृत किया जायेगा. ऐसे में प्रश्न है कि बिना शौचालय के सैकड़ों विद्यालय इस प्रतियोगिता की दौड़ में कैसे शामिल होंगे.
दो माह में बनेंगे 532 यूनिट शौचालय : डीपीओ एसएसए वीरेंद्र कुमार ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में 532 यूनिट शौचालय के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है. जल्द ही शौचालय निर्माण के लिए स्कूलों के अकाउंट में फंड ट्रांसफर किये जायेंगे. कोशिश होगी कि एक से दो माह में सभी शौचालय का निर्माण करा दिया जाये. अगले वित्तीय वर्ष में जिले के सभी स्कूल स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार की दौड़ में शामिल होंगे.
स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार की शर्तें
22 से 24 अक्तूबर तक जिला स्कूल में सुबह 10 से 5 बजे तक कार्यशाला होगी. कार्यशाला में ‘स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय’ अभियान से स्कूलों को जोड़ने के तरीके बताये जायेंगे. ऑनलाइन नामांकन के लिए स्कूलों को संसाधनों का ब्योरा देना होगा. इसमें शौचालय, किचन, बाथरूम, बेसिन, स्कूल परिसर समेत छात्रों की स्वच्छता की जानकारी देनी होगी.
