प्रतिबंधित दवा को हटाने में लगा अस्पताल प्रबंधन

भागलपुर : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नियत खुराक संयोजन वाली दवा के मानव उपयोग के लिए बिक्री, खरीद और निर्माण पर रोक के बाद मायागंज अस्पताल अपने दवा स्टॉक को खंगालने में जुट गया है. अस्पताल अधीक्षक डॉ आरसी मंडल ने स्टोर मैनेजर को बुलाकर दवा […]

भागलपुर : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नियत खुराक संयोजन वाली दवा के मानव उपयोग के लिए बिक्री, खरीद और निर्माण पर रोक के बाद मायागंज अस्पताल अपने दवा स्टॉक को खंगालने में जुट गया है. अस्पताल अधीक्षक डॉ आरसी मंडल ने स्टोर मैनेजर को बुलाकर दवा की सूची मांगी और सभी प्रतिबंधित दवा हटाने का निर्देश दिया.
अधीक्षक ने बताया सरकार का आदेश है. ऐसे में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए दवा को हटाना जरूरी है. सरकार का यह निर्णय आम लोगों के हित में है. ऐसी दवा का हाफ लाइफ होता है. यानी अगर बुखार के साथ अन्य बीमारी है, तो मरीज अलग-अलग दवा का प्रयोग करते हैं. इसमें एक दवा का असर अगर चार से पांच घंटे का है तो दूसरे का दो से तीन घंटे का होता है. दवा का असर जब तक शरीर पर रहता है तब तक तो आराम होता है, लेकिन इसका प्रभाव हटते ही इसका साइड इफैक्ट आरंभ हो जाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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