भागलपुर : इंडियन एसाेसिएशन ऑफ गैस्ट्रोइंटैस्टिनल एंडो सर्जन (आईएजेस) लैप्रोस्क्रोपिक सर्जन फेलोशिप कोर्स के वर्कशॉप में अंतिम दिन रविवार को चार मरीजाें का ऑपरेशन तपस्वी नर्सिंग होम में लैप्रोस्क्रोपिक सर्जरी के माध्यम से किया गया.
ऑपरेशन को प्रोजेक्टर के माध्यम से सौ से ज्यादा चिकित्सकों ने लाइव देखा. इसके साथ ही लैप्रोस्क्रोपिक सर्जरी से मरीजों का इलाज आसान हो जायेगा. आयोजकों का दावा है कि यह ऑपरेशन शहर में चिकित्सा जगत के लिए एक नया आयाम है. जिसका लाभ धीरे-धीरे हरेक मरीजों को मिलने वाला है.
आज डॉ एस डी देव गुप्ता ने आशीष नामक मरीज का अप्रैंटिस का ऑपरेशन किया, जबकि डॉ विजय मित्तल और डॉ मीनाक्षी ने प्रकाश साह और उदय का ऑपरेशन किया. दोनों हर्निया के शिकार थे. जबकि डॉ मृत्युंजय कुमार ने गोल ब्लाडर का ऑपरेशन किया. गरीब मरीजों का यह ऑपरेशन मुफ्त में किया गया, वहीं इसका लाभ यह रहा कि वर्कशाॅप में आये चिकित्सकों को बेहतर जानकारी प्राप्त हो सकी. परीक्षा और इस ऑपरेशन के बाद आेडिशा में सभी को प्रमाण पत्र दिया जायेगा. जिसके बाद ये लैप्रोस्क्रोपिक सर्जरी को कानूनन रूप में कर सकेंगे.
वहीं डॉ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि, जिले के चालीस साल के चिकित्सा इतिहास में इस तरह का वर्कशॉप पहली बार हुआ है. इसका सीधा लाभ मरीजों को आने वाले समय में मिलने वाला है.
आज जिन भी मरीजों का ऑपरेशन किया गया उनको कल तक घर भेज दिया जायेगा. इसके बाद ये अपना काम कुछ ही दिनों में आसानी से करने लगेंगे. वर्कशॉप पूरी तरह सफल रहा. इससे पूर्व हर्निया, गॉल ब्लांडर समेत अन्य बीमारी का ऑपरेशन मरीज के लिए परेशानी का कारण था. लेकिन लैप्रोस्क्रोपिक सर्जरी से अब इसका इलाज आसान हो जायेगा.
