नयागांव में पसरा सन्नाटा, कई घरों में नहीं जला चूल्हा

सुलतानगंज : प्रखंड के बाथ थाना क्षेत्र के नयागांव में मातमी सन्नाटा पसरा है. हादसे में एक साथ तीन लोगों की मौत होने के बाद सोमवार को गांव का माहौल गमगीन है. घटना के तीसरे दिन गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले. हादसे में बचे कुमार किसलय ने भोजन-पानी तीन दिनों से नहीं […]

सुलतानगंज : प्रखंड के बाथ थाना क्षेत्र के नयागांव में मातमी सन्नाटा पसरा है. हादसे में एक साथ तीन लोगों की मौत होने के बाद सोमवार को गांव का माहौल गमगीन है. घटना के तीसरे दिन गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले. हादसे में बचे कुमार किसलय ने भोजन-पानी तीन दिनों से नहीं ले रहे हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है.
किसलय की देखरेख स्थानीय डॉक्टर व परिजन कर रहे हैं. ग्रामीणो ने बताया के घटना के बाद गांव के लोगों में मायूसी है. दिनभर काफी संख्या में लोग किसलय के घर जुटे रहते हैं. किसलय से मिलने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है. हर चेहरे को देख किसलय पूछता है, मेरा कुणाल व काव्या कहां है,पत्नी रेखा तीन दिनों से हमसे मिलने क्यों नहीं आ रही है. इतना कहते ही किसलय बेहोश हो जाता है. होश मे लाने के लिए परिजन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
जिंदगी के सफर में छूट गया पत्नी का साथ
25 अगस्त को शाहकुंड़ के धमना नदी में देर रात कार के ड़ूबने से नयागांव के कुमार किसलय अपनी पत्नी रेखा व दो बच्चों को खो दिया.किसलय हादसे में बाल-बाल बच गया. किसलय के आंख से आंसू नहीं थम रहा है. हादसे में किसलय की पूरी दुनिया उजड़ गयी है. रोते-रोते किसलय कहता है, रेखा तुम तो सात जन्म तक साथ निभाने का हमसे वादा की थी, आखिर क्या गुनाह हुआ, जो जिंदगी के बीच सफर में हमे छोड़ कर क्यों, गुम हो गयी. किसलय व काव्या तो मेरा प्यारा व दुलारा था, उसे भी हमसे तुम दूर कर दी. अब मैं दुनिया में अकेले कैसे रहूंगा.

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