भागलपुर : स्मार्ट सिटी को साफ व स्वच्छ बनाने में सबसे बड़ी अड़चन कनकैथी डंपिंग ग्राउंड का पेच सुलझ गया है. राजस्व विभाग ने गुरुवार को कनकैथी में डंपिंग ग्राउंड की चिह्नित जमीन को सीधे नगर विकास व आवास विभाग को ट्रांसफर करने पर सहमति दे दी है. इस तरह राजस्व विभाग से जमीन के स्वामित्व का अधिकार नगर विकास व आवास विभाग को मिलेगा.
बाद में नगर विकास व आवास विभाग स्वामित्व मिलने पर संबंधित जमीन पर डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश निगम को देगी. इस कार्रवाई में सबसे अहम बिंदु यह है कि एक विभाग से दूसरे विभाग को जमीन स्वामित्व देने के अधिकार में पांच एकड़ तक की विभागीय शक्ति प्रमंडलीय आयुक्त की है. प्रमंडलीय आयुक्त स्तर से राजस्व विभाग के अधीन 4.6 एकड़ जमीन को नगर विकास व आवास विभाग में ट्रांसफर हो जायेगा.
स्मार्ट सिटी की योजना में कचरा प्रबंधन को लेकर प्लांट का प्रस्ताव तैयार है. इसमें कचरा के सीधे शोधन करने की मशीन बैठायी जायेगी.
10 साल से डंपिंग ग्राउंड की जमीन की हो रही खोजजिला प्रशासन के निर्देश पर पिछले 10 साल से डंपिंग ग्राउंड की खोज चल रही है. मगर यह जमीन नहीं मिल रही थी. आखिरी में जगदीशपुर अंचल कार्यालय के कनकैथी में डंपिंग ग्राउंड की जमीन को चिह्नित किया गया. पांच एकड़ के बदले चार एकड़ 60 डिसिमल जमीन का प्रस्ताव बनाया गया.
इस प्रस्ताव को स्मार्ट सिटी के अध्यक्ष सह प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार के पास भेजा गया. स्मार्ट सिटी कंपनी के अध्यक्ष ने जमीन की जांच करवाकर पूरा प्रस्ताव नगर विकास व आवास विभाग को भेजा. वहां से अनुमोदित होकर फाइल राजस्व विभाग के पास गयी. राजस्व विभाग में काफी दिनों से फाइल अटकी हुई थी. अब जाकर राजस्व विभाग ने जमीन मामले में अपना मंतव्य दिया.
