भागलपुर : बरसात में होने वाले रोग का इलाज सदर अस्पताल में है, लेकिन दवा के लिए आप को दूसरे अस्पताल का चक्कर लगाना होगा. यहां मामूली सर्दी, खांसी, बुखार की दवा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे पीड़ित मरीज को दवा बाहर की दुकान से खरीदना पड़ रहा है. यहां सर्पदंश की दवा भी उपलब्ध नहीं है. मरीज को सीधे मायागंज अस्पताल भेज दिया जाता है.
सर्दी, बुखार, चर्म रोग की नहीं है दवा
सदर अस्पताल में रोजाना सर्दी, खांसी, बुखार और चर्म रोग से पीड़ित आ रहे है. इन रोगों की दवा यहां उपलब्ध नहीं है. सामान्य रूप से सभी जगह उपलब्ध होने वाला अल्वेंडाजोल टैबलेट सदर में नहीं है. कफ एक्सपेक्टीरेंट, एसपीरीन, डाइक्लोफेनेक, जेन्आमाइसीन आइ, मेटोक्लोपारामाइड, सीरप एम्पीसीलीन, ओफलोक्सासीन, ओरनोडाजोल समेत कई दवा उपलब्ध नहीं है. चिकित्सक दवा तो लिख देते हैं, लेकिन यहां यह मिल नहीं रहा है. मरीज परेशान हो रहे हैं. परेशानी सिर्फ सदर का ही नहीं है. कई पीएचसी में खांसी की दवा भी नहीं है.
बरसात में बढ़ जाती हैं घटनाएं
बरसात में जिले में सर्पदंश की घटना बढ़ जाती है. ऐसे में लोग सबसे पहले दवा लेने सदर अस्पताल आते हैं, लेकिन यहां दवा उपलब्ध नहीं है. पिछले एक माह से यहां दवा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में मरीज को सीधे मायागंज अस्पताल भेज दिया जाता है. पहले से डरे मरीज सदर अस्पताल आते हैं, लेकिन जब दवा यहां से नहीं मिलती है, तो इनकी हालत गंभीर होने लगती है.
