कर्ज में डूबी महिला ने खाया जहर इलाज के दौरान अस्पताल में मौत
भागलपुर : नवगछिया अनुमंडल के परबत्ता थाना क्षेत्र के खगड़ा गांव की रहने वाली महिला रंजू देवी (32) ने मंगलवार को जहर खाकर जान दे दी. इलाज के लिए साथ में आये पति अजय कुमार ने आत्महत्या का कारण बैंक और अन्य संस्थानों से लिया गया कर्ज बताया. पति ने बताया कि घर बनाने के […]
भागलपुर : नवगछिया अनुमंडल के परबत्ता थाना क्षेत्र के खगड़ा गांव की रहने वाली महिला रंजू देवी (32) ने मंगलवार को जहर खाकर जान दे दी. इलाज के लिए साथ में आये पति अजय कुमार ने आत्महत्या का कारण बैंक और अन्य संस्थानों से लिया गया कर्ज बताया. पति ने बताया कि घर बनाने के लिए पत्नी ने कई जगहों से कर्ज लिया था.
पति अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह को वह बाजार से सब्जी लेकर आया था. इसके बाद उसकी पत्नी खाना बनाने लगी. करीब दस बजे वह गांव में ही अपने दोस्तों के पास चला गया. तभी ग्यारह बजे उनकी पोशपुत्री सुहानी ने फोन कर सूचना दी कि मां को लगातार उल्टियां हो रही है. उसके बाद वह भागकर घर पहुंचा तो पत्नी की हालत खराब देख उसने तुरंत गांव के ही टेंपो को मंगवाया और पत्नी को
लेकर सीधे मायागंज अस्पताल आ गया. दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अस्पताल पहुंचने पर पत्नी का इलाज शुरू हुआ. डाॅक्टरों ने उसे बताया कि उसकी पत्नी ने जहर खा लिया है. करीब पांच घंटों तक चले इलाज के बाद शाम साढ़े पांच बजे पत्नी की मौत हो गयी. अचेत अवस्था में ही पत्नी ने डाॅक्टरों को बताया था कि उसने जहर की दो टिकिया खायी है. इसके आधार पर डाॅक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया था. पर वह बच नहीं सकी. पति ने बताया कि उन्हें एक पोशपुत्री सुहानी के अलावा दो बेटी और एक छोटा बेटा है.
थानाध्यक्ष और मुखिया को नहीं है मामले की जानकारी : परबत्ता के थानाध्यक्ष शिवकुमार यादव व मुखिया नीतू देवी और उनके पति ने इस मामले में कहा कि उन्हें इस तरह की घटना की कोई जानकारी नहीं है.
वार्ड सदस्य बोले, लिया था लोन : खगड़ा पंचायत के वार्ड नंबर एक कि वार्ड सदस्य रानी देवी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मृतका के पति ने एक प्राइवेट बैंक से लोन लिया था. लोन लेने के बाद प्रत्येक सप्ताह बैंक में रकम जमा करना था. दो सप्ताह रकम जमा करने के बाद वह लोग रकम जमा नहीं कर पाये, जिसके कारण पति और पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. किस बैंक से लोन लिया यह तो उन्हें नहीं पता है लेकिन इतना जरूर है कि उस परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से खराब थी.
80 हजार रुपये कर्ज चुकाने को नहीं थे पैसे
पति अजय कुमार ने बताया कि वह शादी से पहले से ही दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है. वहीं एक साल पूर्व ही अपनी पोशपुत्री सुहानी की शादी के बाद उसने घर बनाने की ठान ली. काफी भाग दौड़ के बाद एक बैंक और कुछ समूह बैंकिंग कंपनी उन्हें लोन देने को तैयार हो गयी थी. तीन माह पहले ही घर बनाने के दौरान उसके पड़ोसी गोतिया ने निर्माण हो रहे घर की जमीन के एक हिस्से को अपना बता कर मारपीट की थी और उल्टा उन पर ही मारपीट का केस कर दिया था.
उक्त मामले में सोमवार को ही उसे न्यायालय से जमानत मिली थी. कर्ज के पैसे कोर्ट कचहरी में खर्च हो जाने के बाद उसके पास पैसे नहीं बचे थे. वहीं पति अजय कुमार भी अपना काम धंधा छोड़ घर बनवाने और केस-मुकदमा के चक्कर में गांव आ गया था. कमाई का कोई साधन नहीं होने और कर्ज के बढ़ते ब्याज को देख रंजू देवी ने जहर खा लिया.