भागलपुर : सरकार की ओर से गठित एमसीआइ की टीम ने सोमवार को मायागंज अस्पताल व कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद मंगलवार को जांच रिपोर्ट तैयार कर ली. कमेटी में शामिल अहमदाबाद के डॉ धीरज द्विवेदी, दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ एचएन झा व डीएमसीएच पीएमआर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ चितरंजन राय ने अपनी जांच रिपोर्ट में यहां शिक्षकों के साथ साथ कई विभागों में कमी पायी. जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जायेगी. अब सबकी नजर सरकार पर टिकी है कि संसाधन को एक माह के अंदर कैसे बेहतर करती है. क्योंकि अगस्त में एमसीआइ टीम का यहां सौ सीट के लिए निरीक्षण होना है.
पिछले साल के मुकाबले कम हो गये शिक्षक : टीम ने अपने दो दिनों के निरीक्षण में पाया कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों व चिकित्सकों की कमी है. पिछले साल यहां करीब 19 प्रतिशत फैकल्टी कम था जो बढ़ कर करीब 22 प्रतिशत हो गया है. इसके अलावा दो माह के अंदर जो शिक्षक और रिटायर होने वाले हैं. इस लिहाज से यहां शिक्षकों व चिकित्सकों की कमी करीब 25 प्रतिशत हो जायेगी. ऐसे में सरकार और अस्पताल प्रबंधन अगर निरीक्षण करने यहां आती है और दावा सौ सीट का करती है तो इसकी स्वीकृति मिलना मुश्किल हो सकता है.
टीम ने विभागाध्यक्ष के साथ मिला किया विमर्श
मंगलवार को डॉ धीरज, डॉ एचएन झा, डॉ चितरंजन राय ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ हेमंत कुमार सिन्हा, अधीक्षक डॉ आरसी मंडल, नोडल पदाधिकारी डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ विमर्श किया. इसमें कॉलेज के एनॉटॉमी, फिजियोलॉजी, बायो केमेस्ट्री विभाग के लिए अलग से प्रस्तावित भवन के निर्माण में तेजी लाने का प्रस्ताव दिया गया. भवन निर्माण की देरी के कारण सौ सीट की मान्यता पर सवाल खड़ा होने की संभावना है. इसके अलावा सीनियर और जूनियर रेजीडेंट के लिए बन रहे हॉस्टल निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के लिए कहा गया.
संसाधन को बेहतर कहते हुए इमरजेंसी में बेड की संख्या एक सौ तक लगाने का सलाह दिया गया, साथ ही जल्द से जल्द कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में एमडी कम्युनिटी मेडिसिन की नियुक्ति करने को कहा गया. टीम के सदस्यों ने छोटी छोटी कमी को पाया. मरीजों के लिए सफाई की पुख्ता व्यवस्था हर दिन रखने के लिए भी कहा गया. दूसरे दिन टीम के सदस्यों ने एक एक विभाग की जांच कर रिपोर्ट बनायी. इसके आधार पर सरकार यहां की व्यवस्था को सुधारने का प्रयास करेगी.
