कई शिक्षा स्वयं सेवकों की जा सकती है नौकरी

भागलपुर : जिले के तालिमी मरकज में नियम के खिलाफ शिक्षा स्वयंसेवकों की नियुक्ति का मामला जन शिक्षा निदेशक डॉ विनोदानंद झा तक पहुंच गया है. निदेशक को शिकायत मिली है कि तालिमी मरकज में अत्यंत पिछड़ी जाति के अल्पसंख्यकों की बजाय सामान्य वर्ग के अल्पसंख्यकों को नौकरी दे दी गयी है. जिले के तालिमी […]

भागलपुर : जिले के तालिमी मरकज में नियम के खिलाफ शिक्षा स्वयंसेवकों की नियुक्ति का मामला जन शिक्षा निदेशक डॉ विनोदानंद झा तक पहुंच गया है. निदेशक को शिकायत मिली है कि तालिमी मरकज में अत्यंत पिछड़ी जाति के अल्पसंख्यकों की बजाय सामान्य वर्ग के अल्पसंख्यकों को नौकरी दे दी गयी है.
जिले के तालिमी मरकज में 145 शिक्षा स्वयंसेवकों का नियोजन किया गया था. शिकायत की गयी है कि नियोजन में पैसे का खेल भी खुल कर किया गया है. अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्र की बिना जांच किये जिम्मेदारों ने दर्जनों फर्जी नियुक्ति कर दी थी. शिक्षा निदेशक ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता काे पत्र लिख कर फर्जी स्वंयसेवकों को शोकॉज कर इन्हें नौकरी से हटाने का निर्देश दिया है. कहा गया है कि अविलंब सेवा समाप्त कर अनुपालन प्रतिवेदन को निदेशालय को उपलब्ध करना है. जन शिक्षा निदेशक ने इसके लिए 21 जुलाई तक का समय दिया है.
आठ हजार मिलता है मानदेय : जिले में तालिमी मरकज में कार्यरत एक शिक्षा स्वयंसेवक ने बताया कि 145 में कम से कम एक दर्जन लोगों की अवैध नियुक्ति हुई है. मामले काे लेकर 21 जुलाई को पटना में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन हो रहा है. सूबे में हजारों की संख्या में जेनरल कैटेगरी के शिक्षा स्वयंसेवकों का नियोजन कर दिया गया है. 2011 से उन्हें हर माह 8 हजार रुपये मानदेय भी दिया जा रहा है. तालिमी मरकज के स्वयंसेवकों को कक्षा 3 से 5 तक के छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गयी है. साथ ही स्कूल नहीं जा रहे बच्चों को स्कूल पहुंचाने और बच्चों को स्कूल में मध्याह्न भोजन दिलाने का कार्यभार सौंपा गया है.

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