सदर अस्पताल : अल्ट्रासाउंड विभाग बंद, रेडियोलॉजिस्ट नहीं

भागलपुर : सदर अस्पताल में पिछले एक साल से अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बंद है. इसके पीछे कई कारणों में एक कारण आठ माह से रेडियोलॉजिस्ट का नहीं होना बताया जाता है. सदर अस्पताल में रोजाना सौ से ज्यादा गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती है. प्रसव पूर्व इनको कम से कम दो बार अल्ट्रासाउंड […]

भागलपुर : सदर अस्पताल में पिछले एक साल से अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बंद है. इसके पीछे कई कारणों में एक कारण आठ माह से रेडियोलॉजिस्ट का नहीं होना बताया जाता है. सदर अस्पताल में रोजाना सौ से ज्यादा गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती है. प्रसव पूर्व इनको कम से कम दो बार अल्ट्रासाउंड कराना होता है.
बाजार में पांच सौ से आठ रुपया का खर्च एक बार में आता है. पूर्व में अस्पताल में इस सुविधा के साथ साथ अन्य जांच की सुविधा मिलती थी. मौलानाचक की नूरी कहती है अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मायागंज अस्पताल जाना होगा. शरीर कमजोर है.
उस पर कतार में सुबह से लगना होगा. इससे बेहतर प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड करा लेंगे. हसनगंज की सलीमा कहती है अल्ट्रासाउंड जरूरी है. लेकिन आर्थिक हालत ऐसी नहीं है की सरकारी अस्पताल के अलावा कहीं अल्ट्रासाउंड करा सके. मायागंज जाने के अलावा कोई उपाय नहीं है.
सदर अस्पताल में दो चिकित्सक के भरोसे महिलाओं का इलाज
सदर अस्पताल में चिकित्सकों का घोर अभाव है. यहां चार महिला चिकित्सक है लेकिन दो लंबी छुट्टी पर है. दो के भरोसे प्रसव, ओपीडी की व्यवस्था चल रही है. चिकित्सक कहते हैं दो चिकित्सक मिल कर सारी व्यवस्था देख रहे हैं. ऐसे में रात को गंभीर मरीज आ जाती है तो परेशानी खड़ी हो जाती है. रोजाना सौ से ज्यादा महिला मरीज आती है. इसमें ज्यादातर गर्भवती होती है. ऑपरेशन जिस दिन करना होता है उस दिन हमें मरीजों को ठीक से देख पाना आसान नहीं होता.

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