भागलपुर : जिले में खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने वाले 59 सरकारी स्कूल के छात्रों को अबतक सुविधाजनक कक्षा नसीब नहीं हो पायी है. कभी मंदिर परिसर व पेड़ के नीचे पढ़ने वाले छात्रों की किस्मत अबतक नहीं बदल पायी है. बिना स्कूल भवन वाले छात्रों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट करने के बावजूद इन्हें टूटे-फूटे बरामदे पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है.
छात्रों की समस्याओं की पड़ताल के लिए प्रभात खबर टोली ने सोमवार को नाथनगर के हिंदू अनाथालय प्राथमिक विद्यालय का मुआयना किया. हिंदू अनाथालय प्राथमिक विद्यालय में बाबूटोला प्राथमिक विद्यालय नाथनगर के करीब 75 छात्रों को शिफ्ट किया गया है. जिनके बैठने के लिए स्कूल में जगह कम पड़ रही है. स्कूल पहुंचने पर पता चला कि यहां सिर्फ दो कमरे हैं. दोनों कमरे की हालत काफी जर्जर है. आये दिन यहां छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है. छात्र घायल न हो जाएं, इसलिए इन्हें कमरे की बजाय बरामदे पर बिठाकर पढ़ाया जा रहा है.
बरामदे पर दो स्कूल का एक साथ संचालन
छात्र बरामदे पर बैठकर पढ़ाई करते दिखे. हिंदू अनाथालय स्कूल के प्रधानाध्यापक किशोर कुमार भारती ने बताया कि पहले से ही स्कूल में सौ छात्र मौजूद थे. वहीं शिफ्ट किये गये बाबू टोला प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पलटन हेंब्रम ने बताया कि भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. 2013 में बाबू टोला स्कूल को यहां लाया गया.
इससे पहले बाबू टोला में पेड़ के नीचे स्कूल का संचालन हो रहा था. पहले भी भवन विहीन स्कूल में छात्र सर्दी, गर्मी और बारिश से परेशान रहते थे. यहां आने के बाद भी इन्हें डरकर बरामदे पर बिठाया जा रहा है. हर साल डीइओ कार्यालय को लिखित आवेदन दे रहे हैं. लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
