भागलपुर : नाथनगर में नगर निगम प्रशासन द्वारा तैयार वृद्धाश्रम में अगर खाली हाथ बुजुर्ग पहुंच गये, तो उन्हें भूखे मरने की नौबत आ जायेगी. वजह, यहां अपना लाओ, अपने से पकाओ और खुद खाओ वाली स्थिति है. नगर निगम ने इस कथित वृद्धाश्रम में सिर्फ रहने व पानी की सुविधा दी है, बाकी कुछ नहीं. नतीजा यह हुआ कि यहां रहनेवाले चार-पांच बुजुर्ग कहां चले गये, किसी को कुछ पता नहीं है. एक बुजुर्ग पोद्दारजी हैं, जो कभी-कभार आते हैं और फिर चले जाते हैं.
वृद्धाश्रम की सुरक्षा में दो जवान. वृद्धाश्रम की सुरक्षा में दो जवानों (एक महिला व एक पुरुष होमगार्ड) को तैनात किया गया है. वे शिफ्टवाइज यहां रहते हैं. इसके अलावा एक सफाईकर्मी यहां सफाई के लिए आता है.
छत्तीसगढ़ के बुजुर्ग भी लौट गये थे. लावारिस अवस्था में जेल रोड के पास मिले छत्तीसगढ़ के एक बुजुर्ग को यहां ठहराने के लिए जून के पहले सप्ताह में भेजा गया था. लेकिन यहां कोई सुविधा नहीं देख लाचार होने के बावजूद उस बुजुर्ग ने रहने से मना कर दिया था और लौट आये थे. आखिरकार उन्हें छत्तीसगढ़ के लिए विदा कर दिया गया था.
