भागलपुर : स्टेशन चौक पर सड़क किनारे चाय बेच कर अपनी रोजी रोटी चलाने वाले राजू ठाकुर और उसके भाई रामरूप ठाकुर को क्या पता था कि चाय बेचने के बाद बचने वाले पैसों को जमा कर वे अपने जिस आशियाने को तैयार करवा रहे थे वह चंद पलों में ताश की पत्तों से बिखर जायेगा. जी हां, सिलिंडर विस्फोट में विवाह भवन के पिछले चहारदीवारी से सटे राजू ठाकुर और रामरूप ठाकुर के निर्माणाधीन दो मंजिला इमारत जमींदोज हो गयी थी.
इस घटना में उनका घर ही नहीं ढहा बल्कि परिवार के कुछ सदस्य भी हादसे का शिकार हो गये. इसी बीच घर के ही एक सदस्य मनीष ठाकुर की चार वर्षीय बेटी बच्ची लापता थी. शायद मलबे के नीचे ही दबी हुई हो. प्रशासन द्वारा देर रात तक मलबा हटाकर बच्ची को खोजने का प्रयास किया. पर देर रात तक बच्ची का कोई अता पता नहीं चला था. इसके अलावा विवाह भवन की चहारदीवारी से सटी सुनील साह के परती जमीन की दीवार गिर गयी. जबकि अनिल कुमार और महेश ठाकुर के घर की दीवारों में दरारें आ गयी थी.
