बिहार के सभी जिलों में खुलेगा कैंसर डिटेक्शन सेंटर, देश में सबसे ज्यादा कैंसर रोगी बिहार में : केंद्रीय सेहत राज्य मंत्री

भागलपुर : केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों में जल्द ही कैंसर डिटेक्शन सेंटर खोला जायेगा. केंद्र व राज्य सरकार द्वारा टाटा ट्रस्ट के साथ पार्टनरशिप से यह सेंटर दो साल के अंदर हर जिले में खुल जायेंगे. उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा कैंसर रोगी बिहार […]

भागलपुर : केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों में जल्द ही कैंसर डिटेक्शन सेंटर खोला जायेगा. केंद्र व राज्य सरकार द्वारा टाटा ट्रस्ट के साथ पार्टनरशिप से यह सेंटर दो साल के अंदर हर जिले में खुल जायेंगे. उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा कैंसर रोगी बिहार में हैं. गाल ब्लाडर कैंसर के सबसे अधिक रोगी हैं. इसके लिए बिहार के एकमात्र रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट को भी अपग्रेड किया जायेगा. साथ ही दो सब सेंटर (एक भागलपुर और एक बक्सर) खोलने का भी प्रस्ताव रखा गया है. मंत्री बनने के बाद पहली बार भागलपुर पहुंचे अश्विनी चौबे ने सोमवार को उक्त बातें कहीं.

देवघर में एम्स के लिए भूमि निरीक्षण आज

देवघर में एम्स खोलने की कवायद में भी केंद्र व राज्य सरकार जुट गयी है. चौबे के मुताबिक, दिल्ली से सेहत विभाग की टीम पहुंच रही है. मंगलवार को देवघर में एम्स स्थापित करने के लिए भूमि का निरीक्षण किया जायेगा. वह सोमवार को स्वयं भी देवघर के लिए रवाना हो गये.

मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी फेसलिटी

भागलपुर मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी फेसलिटी जल्द मिलनेवाली है. चौबे के मुताबिक, केंद्र द्वारा राशि जारी कर दी गयी है. एजेंसी के तौर पर सीबीडब्ल्यूडी पूर्णिया का चयन किया गया है. दशहरा से दीवाली के बीच भूमि पूजन का काम शुरू हो जायेगा.

नयी पीढ़ी स्वास्थ्य गारंटी योजना अब देश में

बतौर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने शून्य से 16 साल तक के बालक व बालिकाओं के लिए नयी पीढ़ी स्वास्थ्य गारंटी योजना शुरू की थी. अब देश में इस योजना पर काम शुरू होनेवाला है. बकौल चौबे इस संबंध में प्रधानमंत्री से भी बात हुई है. हालांकि, उन्हें इस बात का मलाल है कि बिहार में 2011-12 में उनके द्वारा शुरू की गयी यह योजना फिलहाल बंद है. उन्होंने कहा कि राज्य व देश स्तर पर गरीब व निर्धन बच्चों की बेहतर सेहत के लिए एक फंड बनाने पर भी विचार हो रहा है.

नशा मुक्त होगा कैंपस

देश के सभी स्कूल-कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के कैंपस को नशा मुक्त बनाने का भी अभियान चलाया जायेगा. उनके मुताबिक अभी देश में स्वच्छता का पखवाड़ा मनाया जा रहा है. स्वच्छ तन से ही नहीं मन से भी होना होगा. सेहत विभाग भी स्वच्छता को अपनाएं.

2019 तक योजनाओं को धरातल पर उतारने का टास्क

मंत्री ने कहा कि अब सरकार स्वास्थ्य सुविधा को लेकर नयी घोषणा नहीं करेगी, बल्कि पुरानी योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जायेगा. 2019 तक सभी कार्य पूरा करने का टास्क है. उन्होंने कहा कि सेहत बजट में इस बार 30 फीसदी इजाफा भी किया गया है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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