जल सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन करते बाढ़ कटाव पीड़ित ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

जल सत्याग्रह से गूंजा योगापट्टी, बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग पर 10 किमी पैदल मार्च कर अंचल कार्यालय पहुंचे ग्रामीण, दिया धरना

पश्चिम चंपारण में बाढ़ से मचा हाहाकार तो ग्रामीणों ने उठाया बड़ा कदम! पानी के बीच शुरू हुआ जल सत्याग्रह, फिर नाव से निकले और 10 KM पैदल मार्च कर प्रखंड मुख्यालय पहुंच गए. आखिर क्यों सड़क पर 4-5 फीट पानी जमा है? क्यों दो महीने से गांव का संपर्क प्रभावित है? ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कौन-कौन सी बड़ी मांगें रखीं? देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.

योगापट्टी/नवलपुर: पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड में बाढ़ और गंडक नदी के कटाव ने ग्रामीणों की जिंदगी बेहाल कर दी है. सिसवा मंगलपुर पंचायत का बड़ा इलाका पानी और कटाव की चपेट में है. घरों तक पहुंचने के रास्ते डूबे हैं और मुख्य सड़क पर चार से पांच फीट तक पानी जमा है. करीब दो महीने से आवागमन प्रभावित है. प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए मंगलवार को ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया.

नाव से निकले, फिर 10 किमी पैदल चले

सिसवा मंगलपुर पंचायत के दर्जनों बाढ़ प्रभावित ग्रामीण पहले नाव के सहारे गांव से निकले. इसके बाद करीब 10 किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए बड़हरवा जाने वाली मुख्य सड़क, टकटकवा, मुशहटोली और फहतेपुर चौक से होते हुए योगापट्टी प्रखंड मुख्यालय पहुंचे. ग्रामीणों के इस मार्च से प्रशासनिक महकमे में भी हलचल रही.

अंचल कार्यालय परिसर में दिया धरना

प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. जल सत्याग्रह के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सिसवा मंगलपुर पंचायत को तत्काल बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की.

चार से पांच फीट पानी में डूबी मुख्य सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि सिसवा मंगलपुर गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर करीब चार से पांच फीट पानी जमा है. पिछले करीब दो माह से सड़क पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित है. स्थिति यह है कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं.

बाढ़ ने फसलें बर्बाद कीं, कटाव से जमीन पर संकट

ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बाढ़ और गंडक नदी के कटाव से खेती चौपट हो गई है. धान सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. कई परिवार कटाव के कारण अपनी जमीन और घर को लेकर भी चिंतित हैं. ग्रामीणों ने बर्बाद फसलों का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की.

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इन मांगों को लेकर आंदोलन

ग्रामीणों ने सिसवा मंगलपुर पंचायत को तत्काल बाढ़ग्रस्त घोषित करने के साथ बाढ़ और गंडक नदी के कटाव से प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे कराने की मांग की. प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने, भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने, सिसवा से बड़हरवा तक मुख्य सड़क का शीघ्र निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कराने तथा गंडक नदी के कटाव को रोकने के लिए स्थायी कटावरोधी कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग उठाई.


इन्होंने ने की जल सत्याग्रह की अगुवाई

जल सत्याग्रह में कल्याण सिंह बिन्द, कृष्ण कुमार बिन्द, नगीना यादव, शंभु मुखिया, चंदन माझी, संजय चौधरी, प्रभु मुखिया, सुरेंद्र यादव, फूलकाली देवी, सोहन मांझी, जायकिशुन मुखिया, सुरेश माझी, लोरीक माझी, मदन मुखिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे


जल सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन करते बाढ़ कटाव पीड़ित ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

'समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन होगा तेज

धरना दे रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से बाढ़ और कटाव की मार झेल रहे हैं, लेकिन अब स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव में सामान्य जनजीवन लगभग ठप हो गया है.

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लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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