Bettiah News: बेतिया से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें एक महिला अपनी अचेत बेटी को गोद में लेकर जीएमसीएच पहुंचती दिख रही थी. दावा किया गया कि अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलने के कारण मां को बच्ची को गोद में लेकर जाना पड़ा. वायरल वीडियो के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट की है.
प्रशासन के अनुसार, 18 अगस्त को महना गांव निवासी नजीर अंसारी की 11 वर्षीय पुत्री शाहिना खातून को गंभीर और अचेत अवस्था में जीएमसीएच लाया गया था. घबराहट में मां स्वयं बच्ची को गोद में लेकर सीधे इमरजेंसी पहुंची, जहां चिकित्सकों ने बिना देरी किए तत्काल इलाज शुरू किया. अस्पताल प्रशासन ने स्ट्रेचर नहीं मिलने और इलाज में लापरवाही के दावे को भ्रामक बताया है.
मां खुद गोद में लेकर पहुंची थी इमरजेंसी वार्ड
मामले की विस्तृत जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जब बच्ची को अस्पताल परिसर में लाया गया था, उस समय उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी और वह पूरी तरह बेसुध थी.
बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसकी मां अत्यधिक घबरा गई और बिना किसी इंतजार के स्वयं अपनी इच्छा से बच्ची को गोद में उठाकर ब्लॉक-सी के प्रथम तल पर स्थित शिशु रोग विभाग के आपातकालीन कक्ष (Emergency Room) में पहुंच गई. मां से पूछताछ और उपलब्ध वीडियो फुटेज से भी यह पूरी तरह प्रमाणित हुआ है कि परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए खुद बच्ची को चिकित्सक के पास पहुंचाया था.
तुरंत शुरू हुआ उपचार
इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते ही ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने तत्काल बच्ची का सघन उपचार शुरू कर दिया.
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्ची के इलाज में संस्थान की ओर से किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही या उदासीनता नहीं बरती गई है. त्वरित चिकित्सीय सुविधा मिलने के कारण बच्ची की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है. फिलहाल शिशु रोग विभाग में उसका उपचार जारी है और वह अब पूरी तरह सामान्य और खतरे से बाहर है.
पीड़ित मां ने बतायी वायरल वीडियो की सच्चाई
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और पूछताछ में बच्ची की मां ने खुद स्थिति स्पष्ट की है. वायरल वीडियो में महिला साफ तौर पर कहती नजर आ रही है कि बच्ची की गंभीर और अचेत हालत देखकर वह बुरी तरह घबरा गई थी, जिसके चलते वह किसी का इंतजार किए बिना अपनी ही मर्जी से बेटी को गोद में उठाकर सीधे अंदर डॉक्टर के पास ले गई थी.
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रशासन सजग
अस्पताल प्रशासन ने आमजन से भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है.
संसाधनों और मानव बल की चुनौतियों के बावजूद अस्पताल में उपलब्ध सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं हर मरीज को समय पर उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्यकर्मी पूरी सजगता और तत्परता से कार्य कर रहे हैं.
मानवाधिकार आयोग से की गई शिकायत, जांच की मांग
वहीं दूसरी तरफ, जीएमसीएच में बीमार बच्ची को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामले में बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष सह मानवाधिकार कार्यकर्ता आदित्य कुमार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत सरकार से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
आदित्य कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि चनपटिया के महना निवासी नजीर अंसारी की बीमार बच्ची जब अस्पताल पहुंची, तो उसे न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही कोई स्वास्थ्यकर्मी मदद के लिए आगे आया, जिसके कारण बेबस मां को तड़पती बच्ची को गोद में उठाकर दौड़ना पड़ा. उन्होंने इसे अस्पताल प्रशासन का अमानवीय व्यवहार और स्वास्थ्य संबंधी मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताया है. शिकायत में कुछ माह पूर्व इसी अस्पताल में एक शव को कथित रूप से घसीटे जाने की घटना का भी उल्लेख करते हुए जीएमसीएच की लचर व्यवस्था की समग्र जांच कराने की मांग की गई है.
