जिस नदी किनारे होती है छठ पूजा, वहीं डंप हो रहा था शहर का कचरा; ग्रामीणों के विरोध के बाद लगी रोक

नगर के सिकरहना नदी किनारे छठ पूजा स्थल पर कचरा डंप किए जाने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा. प्रदूषण और दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने नगर पंचायत के खिलाफ प्रदर्शन किया. अब स्थायी डंपिंग यार्ड की मांग की जा रही है.

Sikarhana River Garbage Dumping: नगर के पकड़िहार वार्ड संख्या-14 में रिहायशी इलाके से सटे सिकरहना नदी किनारे कचरा डंप किए जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. गुरुवार को दर्जनों ग्रामीण डंपिंग स्थल पर पहुंचे और नगर पंचायत के खिलाफ प्रदर्शन किया. विरोध के बाद नगर पंचायत ने फिलहाल उक्त स्थल पर कचरा डंपिंग बंद करा दी है.

ग्रामीणों का कहना है कि इसी स्थान पर हर साल छठ पूजा होती है. नदी किनारे लगातार कचरा जमा होने से प्रदूषण के साथ बरसात में दुर्गंध की समस्या बढ़ गई है.

डंपिंग स्थल पर पहुंचे ग्रामीण, जताया विरोध

प्रदर्शन में पूर्व पार्षद कुंती देवी, मंकेश्वर पासवान, अतुल शुक्ला, हीरालाल पासवान, विनोद राम, अनुप राम, निर्मला देवी और उमापति देवी समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए.

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार नदियों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नगर पंचायत की ओर से नदी किनारे कचरा डंप किया जा रहा है.

इसी जगह होती है छठ पूजा

पूर्व पार्षद कुंती देवी ने कहा कि नगर का कूड़ा रिहायशी इलाके के पास डंप किया जा रहा है. उनका कहना है कि जिस स्थान के पास कचरा फेंका जा रहा है, वहीं हर वर्ष छठ पूजा का आयोजन भी होता है.

अतुल शुक्ला के मुताबिक, बरसात के दिनों में कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. उन्होंने आसपास की खेती योग्य जमीन प्रभावित होने की भी बात कही.

पार्षद पर लगाया मिलीभगत का आरोप

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने स्थानीय पार्षद पर सफाई एजेंसी से मिलीभगत कर यहां कचरा डंप कराने का आरोप लगाया है. हालांकि इस आरोप पर संबंधित पार्षद का पक्ष उपलब्ध नहीं है.

ग्रामीणों ने दावा किया कि नगर पंचायत की ओर से हर महीने साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन पर 20 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद व्यवस्था संतोषजनक नहीं है.

अब स्थायी डंपिंग यार्ड की मांग

ग्रामीणों ने रिहायशी इलाके और नदी से दूर स्थायी डंपिंग यार्ड बनाने की मांग की है. उनका कहना है कि कचरा प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था होने पर ही नदी और आसपास के लोगों को इस समस्या से राहत मिलेगी.

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद फिलहाल संबंधित स्थल पर कचरा डंपिंग बंद करा दी गई है. अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि कचरा निस्तारण के लिए स्थायी व्यवस्था कब और कहां की जाती है.


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लेखक के बारे में

Author: Birendra kumar

Published by: Aaruni Thakur

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