Community Building Construction: मैनाटांड़ प्रखंड के चौहाट्टा पंचायत स्थित चक्रसन गांव में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत बन रहे सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. शुक्रवार को ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंचे और कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण के आरोप
ग्रामीण डोमे उरांव, लोटन उरांव, प्रीत उरांव, नाथू उरांव, मनोहर उरांव, राम कुमार, लाल बहादुर उरांव, आशीष उरांव और छोटे उरांव समेत अन्य लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है.
उनका कहना है कि भवन निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है.
सीमेंट, बालू और ईंट की गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में सीमेंट और बालू का अनुपात मानकों के अनुरूप नहीं रखा जा रहा. साथ ही उपयोग की जा रही ईंटों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है.
उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य की नियमित तकनीकी निगरानी नहीं होने के कारण काम मनमाने तरीके से कराया जा रहा है.
तकनीकी जांच कराने की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
उनका कहना है कि सामुदायिक भवन सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाया जा रहा है. ऐसे में निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही भविष्य में लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है.
विभागीय कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों ने मांग की है कि भवन निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी टीम से जांच कराई जाए और निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए.
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग या निर्माण एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
