Bagaha News: बगहा में करीब 18 एकड़ वन भूमि पर कथित अतिक्रमण से जुड़े वर्ष 2008 के एक पुराने मामले में वाल्मीकिनगर विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा ने मंगलवार को अदालत में आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण के बाद अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आलोक कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी.
अदालत ने मामले में 1 अगस्त को आरोप गठन के लिए अगली तिथि तय करते हुए विधायक को उस दिन सशरीर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.
2008 के वन वाद से जुड़ा है मामला
अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी डॉ. अनीश कुमार ने बताया कि अगस्त 2008 में दर्ज वन वाद संख्या 130पी में सुरेन्द्र कुशवाहा सहित अन्य लोगों को अभियुक्त बनाया गया था.
उन्होंने बताया कि इस मामले में न्यायालय की ओर से विधायक के खिलाफ वारंट जारी किया गया था. इसके बाद उन्होंने अदालत में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई.
18 एकड़ वन भूमि पर कथित अतिक्रमण का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला करीब 18 एकड़ वन भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध कब्जे से जुड़ा है.
डॉ. अनीश कुमार ने बताया कि लंबे समय से लंबित इस मामले में अब तक आरोप तय नहीं हो सके थे. इसी कारण अदालत ने 1 अगस्त को आरोप गठन की प्रक्रिया के लिए अगली तिथि निर्धारित की है.
अब मामले की सुनवाई नए चरण में
करीब 18 वर्ष पुराने इस वन वाद में अदालत की ताजा कार्रवाई के बाद मामला अब नए चरण में प्रवेश करेगा. संभावना है कि अगली सुनवाई में आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
अदालत के अगले आदेश के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. इस मामले पर क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है. फिलहाल विधायक को जमानत मिल चुकी है और उन्हें निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित होना होगा.
