Nepal Flood: वाल्मीकिनगर. गंडक नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच जल संसाधन विभाग ने वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए हैं. इसके साथ ही बैराज से जुड़ी नहरों में पानी का प्रवाह बंद कर दिया गया है. विभाग का उद्देश्य नदी के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के साथ बैराज पर पानी के दबाव को कम करना है.
Bihar Flood Alert: बैराज के सभी 36 गेट खोले गए
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल गंडक नदी का जलस्तर सामान्य स्थिति में है. हालांकि बाढ़ का पानी नदी में जुड़ने के बाद आने वाले घंटों में जलस्तर बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.
इसी को देखते हुए बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं. नहरों में पानी का प्रवाह बंद कर नदी के पानी को सीधे आगे की ओर प्रवाहित करने की व्यवस्था की गयी है.
जलस्तर में तेजी से आया उतार-चढ़ाव
बुधवार को गंडक नदी के जलस्तर में काफी तेजी से उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया. दोपहर 12 बजे जलस्तर 86 हजार क्यूसेक था. दो बजे यह बढ़कर 88,300 क्यूसेक और तीन बजे 92,900 क्यूसेक हो गया.
इसके बाद चार बजे अचानक जलस्तर बढ़कर 1.50 लाख 200 क्यूसेक पहुंच गया. हालांकि इसके बाद इसमें कमी दर्ज की गयी. शाम पांच बजे 1.09 लाख क्यूसेक, छह बजे 1.04 लाख 400 क्यूसेक और रात आठ बजे तक करीब यही जलस्तर दर्ज किया गया.
बाढ़ की आशंका को लेकर 24 घंटे निगरानी
संभावित बाढ़ को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को 24 घंटे फील्ड में तैनात रहने का निर्देश दिया गया है. तटबंधों पर कटाव या दरार की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल मरम्मत के लिए भी व्यवस्था की गयी है.
प्रशासन ने गंडक नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है. लोगों से नदी और तटबंध के आसपास सावधानी बरतने तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गयी है.
यह भी पढ़ें: नेपाल बाढ़: सैलाब में बिछड़े 14 लोग, 3 शव मिले, अपनों की तलाश में परिवार
