VTR Tiger Attack: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से सटे पश्चिम चंपारण के वनवर्ती इलाकों में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को एक ग्रामीण पर हमले के बाद शुक्रवार को मदनपुर वन क्षेत्र में बाघ ने खेत में काम कर रही एक महिला को अपना शिकार बना लिया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है. ग्रामीण अब जंगल से सटे खेतों में जाने से भी डर रहे हैं.
धान की सोहनी के दौरान बाघ ने किया हमला
जानकारी के अनुसार, नौरंगिया थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-13 निवासी रामायण चौधरी (सहनी) की पत्नी उमरावती देवी (करीब 45 वर्ष) यूपी-बिहार सीमा से सटे मदनपुर वन क्षेत्र के दुर्गम मिश्रौलिया रेता स्थित अपने धान के खेत में सोहनी (निराई) कर रही थीं. इसी दौरान पास के गन्ने के खेत से निकले बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए गन्ने के खेत में ले गया.
ग्रामीणों के शोर के बाद भागा बाघ
महिला की चीख सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूर और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े. लोगों के शोर-शराबे के बाद बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया. हालांकि जब तक ग्रामीण महिला तक पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. उनके शरीर पर बाघ के हमले के गहरे निशान मिले हैं.
वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल-दो के मदनपुर वन क्षेत्र पदाधिकारी नसीम अंसारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. वहीं नौरंगिया थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी. वन विभाग ने बताया कि यह क्षेत्र बाघ सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही वाला संवेदनशील इलाका है.
लगातार दूसरे दिन बाघ का हमला
यह लगातार दूसरा दिन है जब बाघ के हमले की घटना सामने आई है. गुरुवार को वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में बकरी चरा रहे अकलू यादव पर भी बाघ ने हमला किया था. आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता से उनकी जान बच गई थी, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए. उनका इलाज जीएमसीएच बेतिया में चल रहा है. लगातार दो दिनों में हुई घटनाओं ने वनवर्ती गांवों में भय का माहौल पैदा कर दिया है.
ग्रामीणों ने की सुरक्षा और मुआवजे की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक महिला के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने, बाघ की निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त कराने और खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है. वन विभाग ने भी ग्रामीणों से जंगल से सटे खेतों में अकेले नहीं जाने और समूह में काम करने की अपील की है.
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