Bettiah News: जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है. अब एक सप्ताह तक लगातार स्कूल नहीं आने वाले विद्यार्थियों की तलाश में वर्ग शिक्षक-शिक्षिका उनके घर पहुंचेंगे और अभिभावकों से संपर्क कर अनुपस्थिति का कारण जानेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने सभी प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किया है.
एक सप्ताह अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के घर जाएंगे शिक्षक
डीईओ ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक विद्यालय में वर्गवार छात्र-छात्राओं की उपस्थिति की नियमित समीक्षा की जाए. यदि कोई विद्यार्थी लगातार एक सप्ताह तक विद्यालय नहीं आता है, तो संबंधित वर्ग शिक्षक उसके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे और बच्चे की स्कूल वापसी सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे.
साप्ताहिक बैठक और उपस्थिति की समीक्षा अनिवार्य
विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की साप्ताहिक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया है. बैठक में विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण की समीक्षा की जाएगी. अभिभावकों से नियमित संपर्क स्थापित कर छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है.
ई-शिक्षाकोष में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
डीईओ ने ई-शिक्षाकोष पर शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही को गंभीरता से लिया है. विद्यालय से अनुपस्थित रहने या उपस्थिति दर्ज करने में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित शिक्षक-शिक्षिका के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के साथ अनुशासनात्मक और निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
नामांकन शुल्क में मनमानी पर भी सख्ती
विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि छात्र-छात्राओं से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाए. वसूली गई राशि की मूल रसीद तत्काल विद्यार्थी को उपलब्ध करानी होगी. विकास कोष की राशि भी अनिवार्य रूप से बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया है.
गूगल शीट पर कक्षा और फोटो की जानकारी होगी दर्ज
शिक्षकों को प्रतिदिन संचालित कक्षाओं, पढ़ाए गए विषयों और कक्षाओं के फोटोग्राफ की जानकारी विद्यालय अवधि समाप्त होने तक गूगल शीट पर दर्ज करनी होगी. इससे शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.
स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं का नियमित संचालन
डीईओ ने सभी विद्यालयों की प्रयोगशालाओं और स्मार्ट क्लास को सुव्यवस्थित कर नियमित रूप से संचालित करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही बेंच-डेस्क की व्यवस्था, बिजली वायरिंग की मरम्मत, शौचालय की साफ-सफाई और हाउसकीपिंग व्यवस्था को बेहतर रखने पर भी विशेष जोर दिया गया.
मुख्य द्वार पर लिखा जाएगा स्कूल का नाम और यू-डायस कोड
सभी विद्यालयों के मुख्य द्वार पर चमकीले पेंट से विद्यालय का नाम और यू-डायस कोड लिखवाने का निर्देश दिया गया है. यह कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने को कहा गया है.
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