टिश्यू कल्चर लैब में महिलाओं को मिला रोजगार, प्रतिदिन तैयार हो रहे 1000 पौधे

नरकटियागंज की न्यू स्वदेशी शुगर मिल में महिला सशक्तिकरण और गन्ना उत्पादन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. टिश्यू कल्चर लैब में प्रशिक्षित बेटियां प्रतिदिन करीब एक हजार रोगमुक्त गन्ने के पौधे तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं.

West Champaran News: नरकटियागंज स्थित न्यू स्वदेशी शुगर मिल में गन्ने की खेती में नई तकनीक और महिला सशक्तीकरण का अनूठा उदाहरण देखने को मिल रहा है. यहां बेटियां रोजगार प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गन्ना उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं. मिल की टिश्यू कल्चर लैब में बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सबौर से प्रशिक्षित कल्पना राज और पूजा राय प्रतिदिन करीब एक हजार रोगमुक्त गन्ने के पौधे तैयार कर रही हैं.

Narkatiaganj News: बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से लिया प्रशिक्षण

कल्पना राज समस्तीपुर जिले के बिथान निवासी सत्यनारायण राम एवं सरिता देवी की पुत्री हैं, जबकि पूजा राय सारण जिले के छपरा निवासी तारकेश्वर राय एवं उमरावती देवी की पुत्री हैं. दोनों ने बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सबौर से प्रशिक्षण प्राप्त किया. न्यू स्वदेशी शुगर मिल में प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार का अवसर मिला और अब वे टिश्यू कल्चर तकनीक से रोगमुक्त गन्ने के पौधे तैयार कर रही हैं.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर मिल का जोर

मिल के कार्यपालक अध्यक्ष रविंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि मिल प्रबंधन सरकार के कृषि रोड मैप के अनुरूप कार्य कर रहा है. महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित महिलाओं के माध्यम से गन्ना उत्पादन बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना मिल का उद्देश्य है.

प्रतिदिन तैयार हो रहे करीब एक हजार पौधे

मिल के ईवीपी राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि दोनों युवतियों को गन्ना महाप्रबंधक के.एस. ढाका की देखरेख में प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के बाद दोनों बेहतर तरीके से कार्य कर रही हैं और उनके कार्यों की नियमित निगरानी भी की जाती है. वरिष्ठ प्रबंधक राजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में दोनों प्रतिदिन करीब एक हजार रोगमुक्त गन्ने के पौधे तैयार कर रही हैं.

गन्ना क्रांति की वाहक बनेंगी बेटियां

कल्पना राज और पूजा राय ने कहा कि प्रशिक्षण के साथ रोजगार मिलना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने बताया कि मिल प्रबंधन लगातार उनका उत्साहवर्धन करता है. दोनों ने कहा कि भविष्य में प्रतिदिन तैयार होने वाले पौधों की संख्या और बढ़ाने का लक्ष्य है, ताकि गन्ना उत्पादन में अधिक योगदान दिया जा सके.

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लेखक के बारे में

By सतीश कुमार पांडेय

सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.

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