Bettiah News: कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में ग्रामीण उद्यानिकी कार्य अनुभव इकाई कार्यक्रम के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, पिपराकोठी से आए उद्यानिकी संकाय के छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में छात्रों को पौधों में प्रवर्धन की तकनीक, विधियां और इसके महत्व की जानकारी दी गई.
Majhaulia News: बीज से लेकर कलम तक पौध प्रवर्धन की तकनीक सीखी
प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने छात्रों को पौध प्रवर्धन की विभिन्न उन्नत तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बीज द्वारा प्रवर्धन, कलम, दाब कलिकायन एवं रोपण जैसी विधियों की जानकारी दी.
पौध प्रवर्धन में समय और तापमान का विशेष महत्व
डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि पौध प्रवर्धन के दौरान संबंधित पौधे की प्रजाति के अनुसार उचित समय, तापमान और आर्द्रता का ध्यान रखना जरूरी है. इन परिस्थितियों का सही प्रबंधन पौधों की बेहतर वृद्धि और विकास में सहायक होता है.
रोग रहित मातृ पौधे के चयन पर जोर
प्रशिक्षण में छात्रों को बताया गया कि प्रवर्धन के लिए स्वस्थ और रोग-रहित मातृ वृक्ष का चयन बेहद महत्वपूर्ण है. गुणवत्तापूर्ण मातृ पौधे से तैयार की गई नई पौध के बेहतर विकास की संभावना अधिक रहती है.
छात्रों को दिया गया व्यावहारिक ज्ञान
एक दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य उद्यानिकी संकाय के छात्रों को किताबों में पढ़ाई जाने वाली तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना रहा. छात्रों ने पौध प्रवर्धन से जुड़ी विभिन्न विधियों को समझते हुए कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में इनके उपयोग की जानकारी प्राप्त की.
कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मी और छात्र रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान केंद्र के कर्मियों में कमलेश कुमार, महतो सहित छात्र विकेश कुमार, हिमांशु, पीयूष, अंकित, प्रमेश एवं अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. प्रशिक्षण के दौरान छात्रों ने वैज्ञानिक से पौध प्रवर्धन से जुड़े विभिन्न सवाल भी पूछे.
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