Bettiah News: बेतिया. राज्य सरकार के निर्देश पर मंगलवार को पश्चिम चंपारण जिले के 52 सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को सुनकर विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है. जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और एसएसपी कुमार गौतम ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, कुमारबाग पहुंचकर शिविर का जायजा लिया और छात्रों से सीधे संवाद किया.
डीएम-एसएसपी ने छात्रों से लिया फीडबैक
जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और एसएसपी कुमार गौतम ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, कुमारबाग में आयोजित विद्यार्थी सहयोग शिविर का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने विद्यार्थियों से शिविर की व्यवस्था और विद्यार्थी सहयोग पोर्टल को लेकर फीडबैक लिया.
डीएम ने विद्यार्थियों को पोर्टल की उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि छात्र अपनी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें इस माध्यम से दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है.
कई कॉलेज और छात्रावास पहुंचे वरीय अधिकारी
उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन ने जीएनएम कॉलेज, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, डॉ. आंबेडकर कल्याण छात्रावास, पिऊनीबाग तथा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया.
वहीं अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने एमजेके कॉलेज में आयोजित विद्यार्थी सहयोग शिविर का जायजा लिया.
52 संस्थानों में छात्रों की समस्याओं पर होगी सुनवाई
जिले के 52 सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्रावासों में आयोजित शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिला.
शिविर में विद्यार्थियों को विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गयी. प्रशासन का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है.
विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच बढ़ेगा सीधा संवाद
विद्यार्थी सहयोग शिविर के जरिए प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच संवाद को मजबूत करने की पहल की गयी है. विभिन्न संस्थानों में पहुंचे अधिकारियों ने छात्रों से उनकी समस्याओं और सुझावों के बारे में जानकारी ली.
प्रशासन की ओर से बताया गया कि विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए.
यह भी पढ़ें: बिजली बिल अपडेट कराने के चक्कर में गंवाए 3.95 लाख, साइबर पुलिस ने पूरी रकम वापस कराई
