संस्कृत संगम बगहा: बगहा नगर स्थित मारवाड़ी अतिथि भवन में रविवार को संस्कृत भारती बगहा एवं अध्यात्म सेवा संघ के संयुक्त तत्वावधान में भव्य 'अध्यात्म संस्कृत संगम' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम में संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन पर विस्तार से चर्चा की गई. समारोह के दौरान क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक सेवा और जनहित में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए बगहा की अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) चांदनी कुमारी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.
एसडीएम के कार्यों की सराहना
आयोजकों ने एसडीएम चांदनी कुमारी के प्रशासनिक नेतृत्व और जनसरोकार से जुड़े कार्यों की खुलकर सराहना की. वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई है. विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी से आम जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है.
कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:
- सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें बचाना सबका कर्तव्य है.
- युवाओं को जोड़ने का आह्वान: आध्यात्मिक चेतना और संस्कृत के जरिए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने पर बल दिया गया.
- एसडीएम का संबोधन: सम्मान प्राप्त करने के बाद एसडीएम चांदनी कुमारी ने आयोजकों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और निस्वार्थ सेवा ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने आयोजकों के सांस्कृतिक प्रयासों की भी प्रशंसा की.
कार्यक्रम में संस्कृत भारती और अध्यात्म सेवा संघ के प्रमुख पदाधिकारियों के अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे.
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