Valmikinagar Viral News: सावन की पहली सोमवारी पर वाल्मीकिनगर में आस्था और संघर्ष की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली. पश्चिम चंपारण के चौतरवा निवासी 17 वर्षीय सत्यजीत ने भगवान शिव से की गई मन्नत पूरी होने के बाद नारायणी नदी से 30 लीटर पवित्र जल कंधे पर उठाकर रामनगर स्थित नीलकंठ नंदेश्वर महादेव मंदिर के लिए पैदल यात्रा शुरू की.
"बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच उनकी कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही.
एक मन्नत, जिसने बदल दी जिंदगी
सत्यजीत ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय तक आर्थिक तंगी से जूझता रहा. माता-पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे और पूरा परिवार झोपड़ी में रहता था.
इसी दौरान उन्होंने सब्जी बेचने का काम शुरू किया और भगवान शिव से प्रार्थना की कि यदि उनका कारोबार सफल हुआ और वह अपने माता-पिता के लिए पक्का मकान बनवा सके, तो सावन की पहली सोमवारी पर नारायणी नदी से 30 लीटर जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे.
मेहनत रंग लाई, अब निभा रहे हैं अपना संकल्प
सत्यजीत का कहना है कि भगवान शिव की कृपा और अपनी मेहनत से उनका सपना पूरा हुआ. कारोबार सफल होने के बाद उन्होंने परिवार के लिए पक्का मकान बनवाया और अब अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए जल यात्रा पर निकले हैं.
उन्होंने संकल्प लिया है कि जलाभिषेक होने तक केवल फलाहार करेंगे, पूरी रात शिव भजन के साथ रतजगा करेंगे और पूजा-अर्चना पूरी होने के बाद ही अन्न ग्रहण करेंगे.
पड़ोस के पक्के मकानों से मिला था सपना
सत्यजीत ने बताया कि पड़ोसियों के पक्के मकान देखकर उनके मन में भी अपने माता-पिता को सुरक्षित घर देने का सपना जगा था.
कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और भगवान शिव में अटूट आस्था के बल पर उन्होंने उस सपने को साकार किया. अब सावन की पहली सोमवारी पर निकली उनकी यह जल यात्रा श्रद्धा, संघर्ष और संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है.
