सक्षम परियोजना से छह गांवों की बदली तस्वीर, अब स्मार्ट स्कूल और सोलर सुविधाओं का होगा विस्तार

पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर क्षेत्र में सक्षम परियोजना ने खेती, शिक्षा, पेयजल और आजीविका में बड़े बदलाव लाए हैं. 800 से अधिक किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ा गया है, जबकि 200 से अधिक किसान समूहों को सोलर वाटर पंप की सुविधा मिली है. महिलाओं के लिए मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट और कैफे स्थापित किए गए हैं.

Valmikinagar News: पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर क्षेत्र के छह गांवों में संचालित सक्षम परियोजना ने खेती, शिक्षा, पेयजल और आजीविका के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया है. महात्मा गांधी सेवा आश्रम, जौरा और एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के संयुक्त सहयोग से संचालित इस परियोजना की दो दिवसीय समीक्षा संगोष्ठी में पिछले दो वर्षों के कार्यों का आकलन किया गया और वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना प्रस्तुत की गई.

संगोष्ठी में परियोजना से जुड़े लाभार्थियों ने बताया कि इस पहल से गांवों में बुनियादी सुविधाओं और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिले हैं.

खेती में वैज्ञानिक तकनीक पर दिया गया जोर

समीक्षा बैठक में महात्मा गांधी सेवा आश्रम के प्रतिनिधि सुदामा मुदगल, बिहार राज्य परियोजना समन्वयक दुर्गेश गुप्ता, कृषि वैज्ञानिक विनय सिंह, मुखिया प्रतिनिधि सुमन कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.

परियोजना के तहत 800 से अधिक किसानों के खेतों की मृदा जांच कर वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया गया. वहीं 130 किसानों को मोटे अनाज के उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए, ताकि उत्पादन और आय में वृद्धि हो सके.

सोलर सुविधाओं और स्वच्छ पेयजल से बदली तस्वीर

परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 50 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं और 200 से अधिक किसान समूहों को सोलर वाटर पंप से जोड़ा गया.

इसके अलावा पांच सरकारी विद्यालयों में आरओ आधारित पेयजल सुविधा विकसित की गई. लक्ष्मीपुर और ठाढ़ी में जलमीनार निर्माण के बाद 800 से अधिक परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है.

महिलाओं को मिला रोजगार का नया अवसर

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्मीपुर में मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट और मिलेट्स कैफे की स्थापना की गई है. इससे स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार और आय के नए अवसर मिले हैं.

अगले वर्ष इन योजनाओं पर रहेगा फोकस

संगोष्ठी में वर्ष 2026-27 के लिए कई नई योजनाओं का खाका भी पेश किया गया. इसके तहत 15 नए सोलर वाटर पंप, 25 सोलर स्ट्रीट लाइट, चार स्मार्ट स्कूल, तीन आंगनबाड़ी केंद्रों में स्मार्ट क्लास और सोलर असेंबली एवं रिपेयरिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.

समीक्षा बैठक में वक्ताओं ने सक्षम परियोजना को ग्रामीण विकास का सफल मॉडल बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भी इस पहल के माध्यम से गांवों में शिक्षा, कृषि, पेयजल और आजीविका के क्षेत्र में और बेहतर परिणाम हासिल करने का प्रयास जारी रहेगा.


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By Prabhat khabar news desk

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