Bettiah News: बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले में सड़क हादसों में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. परिवहन विभाग के जनवरी से जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सात माह में जिले में 118 सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इनमें 103 हादसे घातक रहे और कुल 125 लोगों की मौत हो गयी. मार्च सबसे अधिक जानलेवा महीना रहा. इस दौरान 27 सड़क हादसों में 31 लोगों की मौत हुई, जबकि 26 दुर्घटनाएं घातक रहीं.
सात माह में 118 हादसे, 125 लोगों की मौत
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 18 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई. फरवरी में 16 दुर्घटनाओं में 12 लोगों की जान गयी. अप्रैल में 20 हादसों में 18 लोगों की मौत हुई.
मई में 14 सड़क दुर्घटनाओं में 15, जून में 13 हादसों में 16 और जुलाई में 10 सड़क दुर्घटनाओं में 12 लोगों की मौत हुई. मार्च में 27 हादसों में 31 मौतें दर्ज की गयीं, जो सात माह में सबसे अधिक है.
हिट एंड रन के 45 मामले, 49 की मौत
हिट एंड रन के मामले भी चिंता बढ़ाने वाले हैं. जनवरी से जुलाई के बीच जिले में हिट एंड रन के 45 मामले दर्ज हुए. इनमें 43 हादसे घातक रहे और 49 लोगों की मौत हो गयी.
इन दुर्घटनाओं में सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि आठ लोगों को मामूली चोटें आयीं. वहीं 46 लोग ऐसे रहे, जिन्हें इन हादसों में चोट नहीं लगी.
तेज रफ्तार और लापरवाही पर नियंत्रण जरूरी
आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा हिस्सा जानलेवा साबित हो रहा है. खासकर हिट एंड रन के मामलों में मृतकों की संख्या अधिक है. सड़क हादसों में कमी लाने के लिए तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर नियंत्रण के साथ यातायात नियमों का पालन जरूरी है.
डीटीओ अमित राज ने कहा कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है. तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने से बचना चाहिए. हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने, गति पर नियंत्रण रखने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
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