बगहा: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से सटे गोबर्धना थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरी गांव में बुधवार की रात हुई एक घटना को लेकर दो परस्पर विरोधी बातें सामने आ रही हैं. ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शी परिजनों का दावा है कि जंगल से भटककर बाहर निकले एक बाघ ने शौच से लौट रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया. वहीं दूसरी ओर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक के बयान और वन विभाग की प्रारंभिक जांच में पगमार्क न मिलने से मामला पेचीदा हो गया है. घटना के बाद से डुमरी और आसपास के गांवों में बाघ की दहशत फैल गई है.
डुमरी चेकपोस्ट के पास पीछे से झपट्टा मारने का दावा
घटना के संबंध में घायल धरम चौधरी के साथ मौजूद उनके बहनोई मुन्नीलाल चौधरी ने बताया कि दोनों बुधवार की रात शौच के बाद गांव वापस लौट रहे थे. जैसे ही वे डुमरी चेकपोस्ट के करीब पहुंचे, तभी अंधेरे में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक पीछे से धरम चौधरी पर झपट्टा मार दिया. इस हमले में धरम के सिर में गहरा घाव हो गया और वे खून से लथपथ होकर गिर पड़े. शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े, जिसके बाद रघिया वन विभाग के सरकारी वाहन की मदद से आनन-फानन में घायल को रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचाया गया.
डॉक्टर के बयान से उलझा मामला, नहीं मिले दांत या पंजे के निशान
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने घायल धरम चौधरी का प्राथमिक उपचार किया. अत्यधिक रक्तस्राव और सिर में गंभीर चोट को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें तुरंत बेतिया सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालांकि, डॉ. राजेश कुमार ने मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाते हुए बताया कि घायल के शरीर पर मिले घाव की स्थिति किसी सामान्य चोट जैसी प्रतीत हो रही है. मेडिकल जांच के दौरान उनके शरीर पर किसी भी हिंसक वन्यजीव के पंजे, नाखून या दांतों के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे हमले की प्रकृति पर संशय बन गया है.
पगमार्क तलाशने में जुटी वन विभाग की टीम, जांच जारी
कथित हमले की खबर मिलते ही डुमरी गांव और आसपास के वनवर्ती क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच भारी डर का माहौल बन गया है. सूचना पाकर वन विभाग की रेस्क्यू टीम तत्काल हरकत में आई और घटनास्थल के आसपास सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया. वनकर्मियों ने डुमरी चेकपोस्ट और संपर्क मार्गों पर बाघ के पगमार्क (पंजों के निशान) ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक कोई भी स्पष्ट पगमार्क बरामद नहीं हो सका. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी व वैज्ञानिक स्तर पर जांच की जा रही है कि व्यक्ति वास्तव में बाघ के झपट्टे से घायल हुआ है या फिर अंधेरे में गिरने अथवा किसी अन्य कारण से चोटिल हुआ है.