बेटी की शादी के बाद परिवार का पेट पालने दिल्ली गया पिता, काम करते-करते थम गयी सांस, घर में मचा कोहराम

इनरवा के झझरी गांव के राकेश कुमार महतो, जो दिल्ली में कारपेंटर का काम करते थे, की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई. यह खबर उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ बनकर टूटी है, खासकर बेटी की शादी के बाद.

Bettiah News: इनरवा. जिस बेटी के हाथ पीले करने के बाद राकेश कुमार महतो परिवार की खुशियों और भरण-पोषण के लिए रोजी-रोटी कमाने दिल्ली गये थे, उसी परिवार पर अब उनकी मौत की खबर से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. रविवार को दिल्ली के गांधी नगर में कारपेंटर का काम करने के दौरान 45 वर्षीय राकेश कुमार महतो की हार्ट अटैक से मौत हो गयी. मोबाइल पर पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी लालमुनि देवी बेसुध हो गयीं. देखते ही देखते घर में चीख-पुकार मच गयी और परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.

Inarwa News: बेटी की शादी के बाद परिवार के लिए दिल्ली गये थे राकेश

इनरवा थाना क्षेत्र के झझरी गांव निवासी राकेश कुमार महतो परिवार के भरण-पोषण के लिए दिल्ली के गांधी नगर में कारपेंटर का काम करते थे. ग्रामीणों के अनुसार इसी वर्ष मार्च में उन्होंने अपनी बेटी की शादी की थी. बेटी की शादी के बाद अप्रैल में वह रोजी-रोटी कमाने दिल्ली चले गये थे. परिवार को उम्मीद थी कि मेहनत कर लौटने के बाद वह घर की जिम्मेदारियां संभालेंगे.

काम के दौरान अचानक हार्ट अटैक से हुई मौत

रविवार को दिल्ली में काम करने के दौरान अचानक राकेश की तबीयत बिगड़ गयी. इसी दौरान हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गयी. घटना की सूचना मोबाइल फोन के माध्यम से पत्नी और परिजनों को दी गयी. मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी शोक की लहर फैल गयी.

पति की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हुई पत्नी

राकेश की मौत की सूचना मिलते ही पत्नी लालमुनि देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. मोबाइल पर पति की मौत की खबर सुनने के बाद वह बेसुध हो गयीं. परिजनों और आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला. अचानक हुई इस मौत से परिवार के लोग सदमे में हैं.

तीन बेटियां और दो बेटों का परिवार छोड़ गये राकेश

बताया जाता है कि राकेश कुमार का मूल घर सेरवा भुसकी में था, लेकिन लंबे समय से वह अपने ससुराल झझरी गांव में ही परिवार के साथ रह रहे थे. उनके परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे हैं. तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटे की भी शादी हो चुकी है. परिवार की जिम्मेदारियों के बीच राकेश मेहनत-मजदूरी कर सभी का भरण-पोषण करते थे.

शव आने का परिजन कर रहे इंतजार

राकेश की अचानक मौत के बाद परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ आर्थिक परेशानी भी खड़ी हो गयी है. परिजन दिल्ली से शव गांव आने का इंतजार कर रहे हैं. शव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा. राकेश की मौत की खबर से झझरी गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं.


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By Prabhat khabar news desk

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