Gaunaha News: विश्व बाघ दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार की ओर से बुधवार को वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के प्रमंडल-1 अंतर्गत मंगुरहा वन प्रक्षेत्र में जागरूकता एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में अधिकारियों ने बाघ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया.
बाघ संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी
कार्यक्रम का शुभारंभ वन निदेशक गौरव झा, डीएफओ प्रमंडल-1 शेखर, डीएफओ प्रमंडल-2 विकास एलाहवत तथा गौनाहा रेंजर अंसुमन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. मंच संचालन वनकर्मी अंकुश कुमार तिवारी ने किया.
डीएफओ शेखर ने कहा कि बाघ संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, एसएसबी और वनकर्मियों के समन्वित प्रयासों से वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वन निदेशक गौरव झा ने भी वन एवं वन्यजीव संरक्षण में समाज के हर वर्ग की सहभागिता पर बल देते हुए एसएसबी और स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की.
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान चित्रकला, निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मंचआवा, संत जेवियर्स स्कूल रमपुरवा, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरी तथा वाल्मीकिनगर के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प भी लिया.
बाघों की संख्या बढ़ने का किया दावा
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2008 में वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या आठ थी, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 54 हो गई. अधिकारियों ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 में बाघों की संख्या लगभग 70 तक पहुंचने का अनुमान है. उनके अनुसार यह उपलब्धि वन विभाग, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है.
