Bettiah Private School Recognition: जिले में बिना प्रस्वीकृति चल रहे निजी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग कार्रवाई की तैयारी में है. ऐसे विद्यालयों को 30 जुलाई तक ई-संबंधन पोर्टल पर प्रस्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. तय समय तक आवेदन नहीं करने वाले स्कूलों की पहचान कर उन्हें बंद कराने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् के निर्देश के बाद समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को बिना प्रस्वीकृति संचालित निजी विद्यालयों की पहचान करने का निर्देश दिया है.
30 जुलाई के बाद तैयार होगी स्कूलों की सूची
डीपीओ के निर्देश के मुताबिक, निजी विद्यालयों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 30 जुलाई तक ई-संबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है.
जो विद्यालय तय समय सीमा तक प्रस्वीकृति के लिए आवेदन नहीं करेंगे, उनकी सूची तैयार कर जिला मुख्यालय को भेजी जाएगी. इसके बाद संबंधित विद्यालयों के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी.
बिना मान्यता स्कूल चलाया तो क्या होगी कार्रवाई?
शिक्षा विभाग के अनुसार, समय सीमा समाप्त होने के बाद भी बिना प्रस्वीकृति विद्यालय संचालित पाए जाने पर उसे बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही संबंधित संस्था या व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18(5) एवं 19(5) के तहत दोषी संस्था या व्यक्ति पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाए जाने का भी प्रावधान है.
प्रखंड स्तर पर शुरू होगी स्कूलों की पहचान
सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में बिना प्रस्वीकृति संचालित निजी विद्यालयों की पहचान कर उनकी सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है.
फिलहाल ऐसे निजी स्कूलों के पास 30 जुलाई तक प्रस्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का समय है. इसके बाद शिक्षा विभाग सूची के आधार पर बिना मान्यता संचालित विद्यालयों को बंद कराने और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा.
