पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए- प्रशांत किशोर

बगहा दौरे पर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को जायज बताया. उन्होंने शराबबंदी, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और बिहार की राजनीति पर भी खुलकर अपनी राय रखी. पढ़ें पूरी खबर...

बगहा से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट

जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार बगहा पहुंचे. यहां उन्होंने जिला कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक में भाग लिया और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसुराज की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया.

पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि अब खबर यह नहीं रह गई है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ, बल्कि खबर यह होती है कि कोई परीक्षा बिना प्रश्नपत्र लीक हुए संपन्न हो जाए. उन्होंने जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जनसुराज उनके साथ खड़ा है.

महिलाओं को दी गई राशि पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में डाले गए 10 हजार रुपये सहायता नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया कदम था. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण राज्य सरकार को कर्मचारियों के वेतन और अन्य भुगतानों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

शराबबंदी को बताया विफल

उन्होंने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार और महंगाई बढ़ी है. उनका दावा था कि शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार जारी है और इसका लाभ भ्रष्ट तंत्र को मिल रहा है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी टिप्पणी

प्रशांत किशोर ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति के अनुसार ईंधन की कीमतों में बदलाव किया जाता है. उनका कहना था कि चुनाव के समय दाम घटाए जाते हैं और चुनाव समाप्त होने के बाद फिर बढ़ा दिए जाते हैं.

सुरक्षा वापसी के सवाल पर क्या बोले

लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की सुरक्षा वापस किए जाने से जुड़े सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह सरकार और संबंधित व्यक्तियों के बीच का विषय है. उन्होंने कहा कि जनसुराज का मानना है कि जो लोग किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं और सरकार की ओर से अधिकृत नहीं हैं, उन्हें सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए.

संगठन विस्तार पर भी दिया जोर

जिला कार्यकारिणी की बैठक में प्रशांत किशोर ने संगठन के पुनर्गठन और विस्तार को लेकर चर्चा की. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और जनसुराज के विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया.

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लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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