बगहा से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट
पिंटू यादव हत्याकांड: रामनगर थाना क्षेत्र के चर्चित पिंटू यादव हत्याकांड मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद तीनों मुख्य आरोपियों को दोषी करार दिया है. मामले में अब सजा के बिंदु पर भी सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत आगामी 1 जुलाई को अपना अंतिम फैसला सुनाएगी. अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बाद अब तक जमानत पर चल रहे तीनों आरोपियों को तुरंत न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया है.
यह पूरा मामला रामनगर थाना कांड संख्या 596/2024 से संबंधित है. मृतक के परिजन मुकेंद्र यादव के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में गोलू कुमार यादव, अनिता देवी और कीर्ति यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था, जिन्हें अदालत ने दोषी पाया है.
नाली विवाद में हुई थी खूनी झड़प
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 दिसंबर 2024 की सुबह करीब साढ़े आठ बजे मुड़िला गांव में नाली के मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक मारपीट हुई थी. घटना की सूचना मिलने पर जब सूचक मुकेंद्र यादव अपने घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि आरोपित उनके परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला कर रहे हैं.
अस्पताल परिसर में भी मारपीट का आरोप
इस भीषण घटना में उनके भाई ननक यादव, पिंटू यादव, बहन निशा कुमारी और मां मुन्नी देवी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. आरोप है कि मारपीट के दौरान पिंटू यादव को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि चोटों के कारण उनकी जान चली गई. इलाज के लिए रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.
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सीसीटीवी फुटेज और गवाहों की गवाही से साबित हुआ गुनाह
न्यायिक प्रक्रिया के दौरान बचाव पक्ष ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में हुई देरी, घटनास्थल से खून के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने, हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी न होने तथा गवाहों के बयानों में कथित विरोधाभास का हवाला देते हुए आरोपियों को बरी करने की मांग की थी.
वहीं दूसरी ओर, अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत वैज्ञानिक साक्ष्यों, चश्मदीद गवाहों की गवाही तथा रामनगर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण प्रमाण के रूप में पेश किया.
अदालत ने तीनों को दोषी पाया
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध पुख्ता साक्ष्यों के परीक्षण बाद तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया. अब आगामी 1 जुलाई को अदालत यह तय करेगी कि इन दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी.
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