नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास में एक को दस वर्ष की सजा

तीन वर्ष पुराने दलित नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद प्रसाद ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए उसे 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

बेतिया. तीन वर्ष पुराने दलित नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद प्रसाद ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए उसे 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है. सजायाफ्ता किशुनदेव बरई चनपटिया थाना क्षेत्र के सोनार टोला गांव का रहने वाला है. पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक वेद प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि यह घटना वर्ष 2021 की है. एक नाबालिग बच्ची अपने दरवाजे पर खेल रही थी. इसी दौरान आरोपी बच्ची को जबरन उठाकर अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया. चिल्लाने पर उसे बचाने आए उसके मामा के ऊपर अभियुक्त ने कुदाल से प्रहार कर उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया और भाग खड़ा हुआ. घटना के समय पीड़िता की माता धान रोपने खेत में गई थी. इस संबंध में चनपटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई है.

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