Death Certificate Fraud: नरकटियागंज प्रखंड की ग्राम पंचायत राज हरदी टेढ़ा में सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ही महिला के नाम पर दो अलग-अलग तारीखों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद पंचायत सचिव ने इसे सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी और धोखाधड़ी का मामला बताते हुए शिकारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
एफआईआर की कार्रवाई प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सूरज कुमार सिंह के निर्देश पर कराई गई है.
आखिर पूरा मामला क्या है?
पंचायत सचिव अमरेश कुमार राम द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, सितवापुर निवासी मिस्टर अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी रूबी खातून की मृत्यु को लेकर दो अलग-अलग शपथ पत्र प्रस्तुत किए और दोनों के आधार पर दो बार मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया.
शिकायत के मुताबिक, पहले शपथ पत्र में रूबी खातून की मृत्यु 11 सितंबर 2021 बताई गई थी. इसी आधार पर 4 दिसंबर 2021 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया.
फिर चार साल बाद कैसे बना दूसरा प्रमाण पत्र?
प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2025 में फिर एक नया शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें रूबी खातून की मृत्यु तिथि 9 मई 2025 दर्ज थी.
इसी दस्तावेज के आधार पर 24 जुलाई 2025 को उसी महिला के नाम से दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया.
जांच में सामने आई गड़बड़ी
पंचायत सचिव ने कार्यालय के अभिलेखों की जांच के दौरान दोनों प्रमाण पत्रों का मिलान किया. जांच में एक ही महिला के नाम पर अलग-अलग मृत्यु तिथियों के साथ दो प्रमाण पत्र जारी होने की बात सामने आई.
इसके बाद उन्होंने इसे सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और धोखाधड़ी का मामला बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने क्या कहा?
शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत सचिव के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
उन्होंने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जांच पर टिकी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि एक ही महिला के नाम पर दो अलग-अलग मृत्यु प्रमाण पत्र किन परिस्थितियों में जारी हुए और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या कर्मचारी की भूमिका रही या नहीं. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
